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कश्मीर में मुफ्ती की पार्टी टूटी

विधानसभा चुनाव की तैयारी के बीच मुफ्ती मोहम्मद सईद की पार्टी-पीडीपी आज टूट गई। जम्मू कश्मीर के पूर्व मंत्री और पीडीपी के वरिष्ठ नेता गुलाम हसन मीर ने बुधवार को सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक-पीडीपी में औपचारिक टूट का एलान किया। मुफ्ती के खिलाफ तीन माह से जारी अपने विद्रोह को निर्णायक मुकाम देते हुए उन्होंने जम्मू कश्मीर डेमोक्रेटिक पार्टी(ोकेडीपी)नाम से नई पार्टी के गठन की विधिवत घोषणा भी की। मीर के अलावा नई पार्टी में पीडीपी के विधायक सरफराज खां और वरिष्ठ नेता जी एम बावन के अलावा कुछ एमएलसी भी शामिल हुए हैं। कुछ और विधायक भी निकटभविष्य में नई पार्टी को समर्थन देने का फैसला कर सकते हैं। सरहदी सूबे के पर्यटन और आवास मंत्री रहे गुलाम हसन मीर की गिनती पीडीपी के कद्दावर नेताओं में होती है, जिनके पास अपना स्वतंत्र जनाधार है। मीर ने मुफ्ती मो. सईद के नेतृत्व को खारिा करते हुए हिन्दुस्तान से कहा कि पीडीपी बनी तो उन्हें इस पाटी और मुफ्ती साहब की अगुवाई से बड़ी उम्मीदें थीं पर उन्होंने फारूक अब्दुल्ला की वंशवादी-सियासत के इतिहास को दोहरा दिया। सन 1में पीडीपी का गठन अब्दुल्ला परिवार की खानदानी-सियासत के खिलाफ विद्रोह के तौर पर हुआ था। लेकिन मुफ्ती साहब ने भी वही रास्ता अख्तियार क र लिया। उल्लेखनीय है कि गुलाम हसन मीर ने पीडीपी में महबूबा मुफ्ती के अलावा मुजफ्फर हसन बेग के दबदबे का भी विरोध किया था। बेग जब उपमुख्यमंत्री बनाए गए तो मीर ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। मीर की नई पार्टी में नेशनल कांफ्रेंस के भी कुछ असंतुष्ट नेता शामिल हो रहे हैं। एसा लगता है कि चुनाव आते-आते मीर की पार्टी सूबे की दोनों प्रमुख पार्टियों-पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस के नाराज नेताओं की शरणस्थली बन जाएगी।

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