class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जिलों से जारी होंगे बसों के परमिट

रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) की बजाय जिला परिवहन कार्यालय (डीटीओ) जारी करंगे बसों के परमिट। नयी व्यवस्था में आवेदक को तरह-तरह के कागजात जुटाने से भी छुटकारा मिलेगा। परमिट आवेदन के साथ उन्हें अब टैक्स टोकन और ऑनर बुक के साथ इंश्योरंस व फिटनेस सर्टिफिकेट देना पड़ेगा। परिवहन विभाग परमिट के नियमों में फेरबदल कर रहा है।ड्ढr ड्ढr जिला परिवहन पदाधिकारियों को जल्द ही राज्य में चलने वाली बसों का परमिट जारी करने का अधिकार मिल जाने के आसार हैं। बस ऑपरटरों के साथ हुई परिवहन मंत्री की बैठक में परमिट के सेन्टरलाइज्ड सिस्टम को समाप्त करने पर सहमति बन गयी जिस पर विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। परिवहन मंत्री रामानन्द सिंह बताते हैं, परमिट व्यवस्था के विकेन्द्रीकरण का प्रयास हो रहा है। आरटीए से परमिट जारी करने में कई तरह की समस्याएं होती हैं। इसलिए डीटीओ को ही यह अधिकार सौंपने पर विचार हो रहा है। मतलब पटना, गया, भागलपुर, छपरा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सहरसा, मुंगेर और पूर्णिया स्थित आरटीए की बजाय 38 जिला परिवहन कार्यालयों से ऑपरटरों को हाथों-हाथ परमिट जारी होने लगेगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: जिलों से जारी होंगे बसों के परमिट