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अफसरों की भूमिका की जांच का आदेश

पटना हाईकोर्ट ने दलपति और पंचायत सेवक को वरीयता देने के एक मामले में सरकारी अधिकारियों की भूमिका की जांच का आदेश दिया है। अदालत ने पंचायती राज के सचिव को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है। सचिव इस बात का पता लगाएंगे कि जब इस मामले में अदालत का निर्णय पहले ही हो चुका था तो किसके कहने से फिर मुकदमा लड़ने पर सरकार की राशि का अनावश्यक व्यय किया गया। न्यायमूर्ति नवीन सिंहा की एकल पीठ ने मुनीलाल प्रसाद की ओर से अधिवक्ता जितेन्द्र कुमार राय द्वारा दायर याचिका को निष्पादित करते हुए यह आदेश दिया।ड्ढr ड्ढr अदालत ने कहा जांच के बाद जवाबदेही तय करने के साथ ही संबंधित दोषी अधिकारी के वेतन से इस मुकदमे पर हुए खर्च की पूरी राशि वसूल करने का निर्देश दिया। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जब वरीयता देने के मुद्दे पर पहले ही निर्णय हो चुका था तो उस पर अमल करने के बाद इस मुकदमे में जवाबी हलफनामा दायर करना चाहिए था और सही स्थिति की जानकारी देनी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अदालत ने वरीयता देने के मामले में दो महीने के भीतर नये सिर से विचार कर निर्णय लेने का निर्देश राज्य सरकार को दिया। अदालत ने यह भी कहा कि अधिकारियों के इसी रवैये के कारण अनावश्यक रूप से मुकदमों का बोझ बढ़ता जा रहा है।

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  • Web Title: अफसरों की भूमिका की जांच का आदेश