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म्यांमार दबाव में लेने लगा मदद

भीषण समुद्री तूफान ‘नर्गिस’ के कहर से बुरी तरह प्रभावित म्यांमार की सैन्य सरकार (हुंटा) पर अंतरराष्ट्रीय सहायता के लिए अपनी सीमाएं खोलने का दबाव बढ़ता जा रहा है। म्यांमार में विपक्षी नेता आंग सान सू की की पार्टी ने भी गुरुवार को कहा कि देश में तूफान से तबाह हो चुके लोगों की प्रभावी मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता की जरूरत है। बढ़ते दबाव के बीच सैनिक सरकार ने तूफान प्रभावित इलाकों के लिए दी जाने वाली अमेरिकी मदद को तो स्वीकार कर लिया है। लेकिन वह बाहरी राहत कर्मियों को अपने यहां आने नहीं देना चाहती। दरअसल हुंटा नहीं चाहता कि उसके सैन्य ठिकाने दुनिया की नजर में आएं। इस बीच, म्यांमार में मौजूद अमेरिकी राजनयिकों का कहना है कि तूफान से मरने वालों की संख्या बढ़कर एक लाख से भी ज्यादा हो सकती है। म्यांमार तमाम देशों की मदद पर भले ही ना-नुकुर कर रहा हो, लेकिन भारतीय मदद का उसने दिल खोलकर स्वागत किया है। भारतीय नौसेना सबसे पहले बुधवार को मदद ले कर म्यांमार पहुंची। इसके अलावा वायुसेना के दो एएन-32 भी राहत सामग्री लेकर यांगून पहुंच चुके है। वायुसेना का एक बड़ा आईएल-76 विमान गुरुवार को पहुंचा। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यहां बताया कि वायुसेना का एक और आईएल-76 विमान शनिवार को यांगून भेजा जा रहा है। तेज हवाओं और नौचालन में आ रही दिक्कतों को झेलते हुए भारतीय नौसेना के दो जंगी पोत आईएनएस राणा और आईएनएस कृपाण म्यांमार के तूफान पीड़ि़तों की मदद के लिए बुधवार शाम यांगून पहुंचे थे जिनकी म्यांमार के पुनर्वास मंत्री ने अगवानी की। थाईलैंड की सेना के सुप्रीम कमांडर बूनसरांग नियूप्रादित ने बैंकाक में गुरुवार को बताया कि थाईलैंड की मध्यस्थता के बाद म्यांमार अमेरिकी मदद स्वीकारने पर सहमत हो गई है। थाईलैंड स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी इसकी पुष्टि की। अमेरिका ने राहत कर्मियों के दल को तूफान प्रभावित इलाकों में जाने देने की अनुमति के लिए म्यांमार पर जोर डालने के लिए भारत, चीन, जापान के साथ ही थाईलैंड, मलेशिया और इंडोनेशिया से भी आग्रह किया है। वह तूफान प्रभावित इलाकों में राहत कार्य के लिए अपने सैनिक ोजना चाहता है, जो हुंटा को मंजूर नहीं है। लेकिन म्यांमार में व्यापक पैमाने पर ोजी जा रही अंतरराष्ट्रीय सहायता को गुरुवार को उस समय बड़ा झटका पहुंचा, जब सहायता सामग्री लेकर गए संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों के वीजा को लेकर म्यांमार के अधिकारी औपचारिकताओं में उलझे रहे।

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