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अनाज व खाद्य तेलों की स्टॉक सीमा तय

राज्य सरकार ने गेहूँ, चावल, दालों, खाद्य तिलहन तथा खाद्य तेलों के मूल्य में हो रही अप्रत्याशित वृद्धि से निपटने के लिए इन वस्तुओं पर स्टॉक सीमा निर्धारित करने का फैसला किया है। स्टॉक सीमा से ज्यादा मात्रा रखने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री मायावती की अध्यक्षता में शनिवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार गेहूँ एवं दालों की स्टॉक सीमा 27 अगस्त 2008 तक और खाद्य तेल, खाद्य तिलहन एवं चावल की स्टॉक सीमा छह अप्रैल 200तक प्रभावी रहेगी।ड्ढr प्रदेश में गेहूँ, चावल, दालों, खाद्य तिलहन तथा खाद्य तेलों की जमाखोरी को रोकने और इन वस्तुओं के बाजार मूल्यों को नियंत्रित करने के उद्देश्य से कृषि उत्पादन मण्डी अधिनियम के तहत व्यापार के लिए लाइसेंस प्राप्त व्यक्ित-फर्म के एक समय की स्टॉक सीमा तय की गई है। यदि तय सीमा से अधिक स्टॉक रखा हुआ पाया जाएगा तो उनके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1ी संगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, लेकिन प्रवर्तन अधिकारियों को डीएम अथवा खाद्य आयुक्त से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा। प्रवर्तन कार्य के लिए प्रवर्तन अधिकारी का तात्पर्य आयुक्त खाद्य, अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, मुख्य विपणन अधिकारी, डीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, संभागीय खाद्य नियंत्रक,संभागीय विपणन अधिकारी पूर्ति निरीक्षक तक के अधिकारी से होगा। प्रवर्तन अधिकारी खाद्यान्न जब्त कर सकेंगे।

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  • Web Title: अनाज व खाद्य तेलों की स्टॉक सीमा तय