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शिकारियों के जाल में फंस बाघ की गई जान

वाल्मीकि व्याघ्र परियोजना के मदनपुर वन क्षेत्र के नौरंगिया वन परिसर के वन कक्ष संख्या 16 में शनिवार को एक बार फिर एक नर बाघ की मौत शिकारियों के जाल में फंसने से हो गयी। इसकी सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गयी। बाद में डीएफओ सुरन्द्र सिंह वहां पहुंचे तथा उक्त स्थल की घेराबंदी कर ग्रामीणों को पुलिस बल की सहायता से हटाया तथा बाघ को मुक्त करने की कवायद में जुट गए पर बाघ की जान बचाने में विफल रहे।ड्ढr ड्ढr डीएफओ सुरन्द्र सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि इस मामले में संलिप्त शिकारियों की पहचान की जा रही है। उधर, घटना की जांच के लिए पटना से सीसीएफ बीएन झा नौरंगिया आज शाम को दल बल के साथ पहुंच गये। जानकारी के अनुसार, शनिवार की सुबह में एक चरवाहा जंगल की ओर किसी काम से गया था। जहां उसने एक बाघ को शिकारियों के द्वारा फैलाये गये जाल में फंसा देखा। उसने तुरन्त वापस लौटकर इसकी सूचना वन विभाग को दी। उसकी सूचना पर फारस्टर बीबी पाल एवं वनरक्षी शशिधर घटनास्थल पर पहुंचे। बाद में उन लोगों ने स्थिति का जायजा लेकर आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी।ड्ढr ड्ढr उधर, ग्रामीणों का जत्था भी बाघ को देखने वहां पहुंचने लगा। बाघ को मुक्त करने की कवायद में वनकर्मी जुट गए। वन के अधिकारी अपनी ओर से कोशिश करते रहे पर दोपहर डेढ़ बजे के करीब बाघ ने जाल में ही दम तोड़ दिया।

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