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पाक मीडिया : जरदारी की सरदारी में मुशर्रफ साथ

इसके चलते अब यह फैसला आसिफ जरदारी, नवाज शरीफ और दूसर पार्टी प्रमुख ही कर सकते हैं। जरदारी अब लंदन चले गए हैं, जहां शरीफ, ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलबैन्ड से बातचीत कर रहे हैं। लगता है शरीफ को पटाने की कोशिश चल रही है। अगर यह जज वापिस ले लिए जाएं तो मुशर्रफ के बनाए हुए जजों का क्या होगा। क्या दोनों को संभालने में नया कानून लाया जाए, जिससे सुप्रीम कोर्ट्र के जजों की संख्या 17 से बढ़ाकर 27 कर दें। एक जानकार फखरुद्दीन इब्राहिम ने इस कमेटी से इस मुद्दे पर इस्तीफजमनादास अख्तरा दे दिया। वह मुशर्रफ वाले जजों को निकालने के हक में हैं। दूसर जानकार ए. एहसान ने कहा कि इन जजों को ‘एडहाक’ करार देकर केस दर केस पर फैसला किया जाए। नवाज शरीफ ने साफ किया कि सदन में बहस हो, लेकिन बाद में बिना किसी देर के एक सरकारी आर्डर के मुताबिक जजों को बहाल कर दिया जाए और इफ्तेखार चौधरी ही मुख्य जज रहें। उधर जरदारी कुछ साफ फैसला नहीं कर पा रहे। शायद मुशर्रफ के ऐहसानों से दबे मालूम होते हैं। ‘डॉन’ ने लिखा है कि अगर जरदारी मुशर्रफ के ऐहसानों का सिला देना चाहते हैं तो यह उनकी भूल है। उन्हें यह जानना चाहिए कि पीपीपी चुनाव जीत कर आई है, न कि पिछले दरवाजे से। उन्हें मिलीजुली सरकार के वायदे के मुताबिक इफ्तेखार चौधरी को और दूसर निकाले हुए जजों को लाना चाहिए। अब इस मुद्दे को निपटाओ और लोगों के राशन, पानी, बिजली, सुरक्षा इत्यादि पर ध्यान देना चाहिए।ड्ढr मिसाइलों की राजनीतिड्ढr भारत की अग्नि मिसाइल के टेस्ट के दूसर ही दिन पाकिस्तान ने अपनी क्रूा मिसाइल हफत-ककक का टेस्ट करके अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दिया। यह मिसाइल काफी नीचे उड़ती है और ‘राडार’ की पकड़ में नहीं आती। यानी अचानक आ सकती है 350 किलोमीटर तक। तहरीक-ए-तालिबान के बैयतुल्ला महसूद ने सरकार की नाक में दम कर रखा है। आतंक की घटनाएं अब भी जारी हैं। पिछले हफ्ते इसके आतंकवादियों ने फिर दर्रा आदमखेल पर कब्जा कर अपने टैक्स लगाने शुरू कर दिए। उसी के नायब अमीर मौलवी फकीर ने समाचार पत्रों और मीडिया को धमकी दे दी कि वह महिलाओं की बेहूदा तस्वीरं दिखानी छोड़ दें और यदि दो हफ्ते में ऐसा न हुआ तो तालिबानी अपनी ओर से कार्रवाई करंगे। बन्नू में एक आतंकवादी युवा (ाो स्कूटर रिक्शा पर सवारी के तौर पर बैठा था) ने आत्मघाती हमला कर दिया। इसके तो चीथड़े उड़ गए पर रिक्शा चालक और दो पुलिस वाले मौके पर ही मार गए और बाकी काफी लोग बुरी तरह से जख्मी हो गए। यह आतंकवादी एजेंसी के सरकारी दफ्तर की ओर जा रहा था, रोके जाने पर आत्मघात किया। इसी तरह एक और हमले में नामालूम आतंकवादियों ने गोली चला कर स्वात के माटा शहर में दो पुलिसकर्मियों को मार गिराया। कराची से सुरक्षा एजेंसियों ने बयान दिया है कि बैयतुल्ला महसूद के पांच आतंकवादी कराची पहुंच गए हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। स्वात में ही आतंकवादियों ने एक लड़कियों का स्कूल जला दिया। डॉन ने अपने सम्पादकीय में कहा है कि सरकार की तहरीक-ए-तालिबान से जो 28 अप्रैल को बातचीत चल रही थी, वह टूट गई है। ये लोग कह रहे हैं कि सरकार अमेरिका और दूसर पश्चिमी देशों के दबाव में अपने वायदों से हट रही है। पर्दे के पीछे दो महीनों की बातचीत में जो कामयाबी दिखाई पड़ रही थी, फौाों के हटाने के मुद्दे पर फेल हो गई। महसूद चाहते हैं कि सरकार न केवल महसूद क्षेत्रों से हट जाए, बल्कि सार आदिवासी और दूसर इलाकों से भी, जसे दर्रा आदमखेल और स्वात के इलाके। ये लोग अपनी बात मनवाना जानते हैं, पर क्या सरकार पीछे हटती रहेगी। अभी तक पाकिस्तानी राजदूत अजीजुद्दीन जिनका अपहरण 11 फरवरी को हुआ था, को छोड़ा नहीं गया।ड्ढr आसिफ जरदारी के खिलाफ सब केस खत्मड्ढr सिंध हाईकोर्ट में जरदारी की शिकायत को सुनते हुए, सरकार ने साफ किया कि उन्होंने आसिफ जरदारी के खिलाफ देश के अंदर और बाहर सभी केस वापिस ले लिए हैं, जिसमें स्विटरलैंड और लंदन के केस भी शामिल हैं। अब वह सब तरफ से आजाद हैं और चुनाव लड़ सकते हैं। इस पर अपनी हैरानगी जताते हुए दि नेशन और नवाएवक्त ने लिखा है कि क्या यह अपने आप हुआ। इससे पहले चुनाव कमीशन ने बाई इलेक्शन की तिथि जून से अगस्त तक टाल दी। इस पर काफी हंगामा हुआ और सभी समाचार पत्र कह रहे हैं कि यह सब शाहबाज शरीफ को पंजाब का मुख्यमंत्री बनने से रोकने की खातिर था।ड्ढr

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