class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

केंद्र की नाकामी पर स्पीकर को सौंपे एक करोड़ हस्ताक्षर

महंगाई के मोर्चे पर यूपीए सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे तगड़ा हल्ला बोलते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने नारा दे दिया है -ाो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है। महंगाई व सरकार की सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ भाकपा के विभिन्न प्रदेशों से आए करीब 50 नेताओं ने सोमवार को यहां लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्ाी को देश भर से एकत्र किए गए करोड़ हस्ताक्षरों का पुलिंदा सौंप दिया। पार्टी महासचिव ए.बी.बर्धन व लोकसभा में पार्टी के नेता गुरुदास दासगुप्ता की अगुवाई में स्पीकर को दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि महंगाई से देश की जनता बुरी तरह त्रस्त है। सस्ते गल्ले की दूकानों से आम लोगों को उचित दर पर खाद्यान्न सुलभ कराने की मांग को यूपीए सरकार ने दरकिनार कर दिया। दासगुप्ता का आरोप है कि देश भर में श्रम कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। ट्रेड यूनियनों के अधिकारों को कुचला जा रहा है और मौजूदा सेज कानून में बदलाव लाने के प्रस्ताव पर सरकार चुप्पी मारकर बैठ गई है। भाकपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दिल्ली में रविवार को संपन्न दो दिन की बैठक में सरकार से नाता तोड़ने की रणनीति पर विचार हो चुका है। बर्धन ने कह चुके हैं कि मनमोहन सरकार महंगाई के मामले हाथ पर हाथ धर कर बैठी सरकार को समर्थन देकर और साल भर ढोने का कोई औचित्य नहीं है। भाकपा का कहना है कि महंगाई और आर्थिक मोर्चे पर यूपीए सरकार की नाकामी से निचले स्तर पर पार्टी कैडरों में भारी असंतोष है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: केंद्रीय नाकामी पर स्पीकर को सौंपे हस्ताक्षर