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आतंकवाद दक्षिण एशियाका सबसे बड़ा खतरा : मनमोहन

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आतंकवाद को दक्षिण एशियाई देशों में स्थिरता के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया है।सिंह शनिवार को दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) के 15 वें शिखर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। दुनिया के तमाम देशों को इसके लिखाफ लड़ाई जारी रखनी पड़ेगी। इस मौके पर उन्होंने कहा, ‘‘हमारे बीच भयावह अवस्था में आतंकवाद जारी है। हमारी स्थिरता के लिए यह एकमात्र और सबसे बड़ा खतरा है। दूषित विचारधारा और उन तमाम तत्वों के खिलाफ हम लड़ाई नहीं रोक सकते जो हमारे समाज और सामाजिक मूल्यों को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं।’’ इस वर्ष सात जुलाई को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर बम हमला और बेंगलुरु एवं अहमदाबाद में हाल ही में हुए धमाकों को बर्बरता का कुरूप प्रदर्शन करार देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आतंकवाद के लिए सरहदें कोई अर्थ नहीं रखतीं।’’ गौरतलब है कि काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर बम हमले में कम से कम 50 लोग मारे गए थे और बेंगलुरु एवं अहमदाबाद में हुए श्रंखलाबद्ध बम धमाकों में भी इतने ही लोगों की जान गई थी। प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद से पीड़ित तमाम देशों को इसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए दृढ़ संकल्प लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें आवश्यक रूप से मूल्यों, बहुलवाद, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और कानून का शासन सुनिश्चित करना चाहिए।’’

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  • Web Title: ‘आतंकवाद दक्षिण एशियाका सबसे बड़ा शत्रु’