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अंजू में नहीं पदक जीतने का दम : मिल्खा

देश को स्टार महिला लांग जम्पर अंजू बॉबी जॉर्ज से पदक जीतने की खासी उम्मीदें हैं लेकिन पूर्व ओलंपियन मिल्खा सिंह मानते हैं कि अंजू में पदक जीतने का दम नहीं है। उड़न सिख के नाम से मशहूर मिल्खा ने मंगलवार रात यहां अंग्रेजी खेल पत्रिका ऑल स्पोर्ट्स के विशेष बीिजग ओलंपिक संस्करण का विमोचन करने के बाद संवाददाताओं से कहा, मुझे अंजू से पदक की किसी भी तरह की उम्मीद नहीं है। उन्होंने पिछले एथेंस ओलंपिक में 6.83 मी. की छलांग लगाई थी। उसके बाद से चार साल गुजर चुके हैं पर वे एक बार भी इस प्रदर्शन के आसपास नहीं पहुंच पाई हैं। मिल्खा ने तल्खी भरे शब्दों में कहा, आज चार-पांच लड़कियां ऐसी हैं जो सात मीटर से ज्यादा की छलांग लगा रही हैं जबकि अंजू का इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साढ़े छह मीटर के आसपास है। चार वर्षो में वह अपने 6.83 मी.के प्रदर्शन को नहीं सुधार सकीं तो अब वह पदक क्या खाक जीत पाएंगी। उन्होंने साथ ही कहा, चार गुणा 400 मी. महिला रिले टीम को पदक दावेदार माना जा रहा है लेकिन यह फाइनल में भी पहुंच जाए तो यह उसकी बड़ी उपलब्धि होगी। 10 के रोम आलंपिक में मामूली अंतर से 400 मी. दौड़ का कांस्य पदक चूकने वाले मिल्खा ने कहा कि उन्हें 57 सदस्यीय भारतीय दल में शामिल ट्रैक एंड फील्ड के 16 एथलीटों से भी कोई उम्मीद नजर नहीं आती। अन्य खेलों में भारतीय संभावनाओं के बारे में पूछने पर मिल्खा ने कहा कि आप निशानेबाजी, मुक्केबाजी, तीरंदाजी और टेनिस से उम्मीद कर सकते हैं। मिल्खा ने कहा कि निशानेबाजी में एक पदक आ सकता है। टेनिस में सानिया मिर्जा से नहीं बल्कि पेस-भूपति की जोड़ी से उम्मीद है। मुक्केबाजी में अखिल कुमार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। महिला तीरंदाजी टीम भी कुछ कर गुजर सकती है। इसके अलावा अन्य खेलों से उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा, दरअसल हमारे साथ समस्या यह है कि हम एक ओलंपिक खत्म होने के बाद अगले ओलंपिक के लिए तैयारी शुरू नहीं करते। जब अगले ओलंपिक सिर पर आ जाते हैं तो हम पूछते हैं कि हमारी पदक संभावनाएं क्या हैं।

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