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टाल क्षेत्र के किसानों की समस्या पर आयोग गंभीर

राज्य में टाल- दियारा क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर किसान आयोग की नजर पड़ गई है। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए उनकी समस्याओं का अध्ययन करने का मन बनाया है। आयोग ने अपने अध्ययन के क्षेत्र में किसानों की विशेष सामाजिक, आर्थिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों को रखा है। अध्यक्ष रामधार ने बताया कि अध्ययन के दौरान आयोग विशेषज्ञों, संगठनों और संस्थानों के अलावा सीधे किसानों से भी संपर्क कर उनसे क्षेत्र की समस्याओं पर विचार-विमर्श करगा। उन्होंने बताया कि फसल एवं पशुधन उत्पादन के अलावा विकास की मुख्य समस्याओं पर भी विचार किया जायेगा। किसानों की आथिर्क एवं सामाजिक समस्याओं का विश्लेषण कर उनके निराकरण के उपाय सुझाए जाएंगे। इसके अलावा उत्पादन में जोखिम को कम करने के लिए अनुकूल फसलों के प्रभेदों का चुनाव किया जायेगा।ड्ढr ड्ढr मिट्टी की उवर्रकता बनाये रखने के लिए भी उचित प्रबंध किये जाएंगे तो विकास के लिए वर्तमान संस्थागत संरचनाओं का भी अध्ययन किया जायेगा। श्री रामाधार ने बताया कि टाल और दियारा में भूमि की स्थलाकृति (टोपोगा्रफी) अलग - अलग है। टाल क्षेत्र में दलहनी फसलें ही पहले प्रमुख थीं। लेकिन गेहूं के उन्नत प्रभेदों की क्षाद के बाद दलहन की खेती में कमी आई है। इसका प्रमुख कारण है दलहनी फसलों में कीटों का प्रकोप। आयोग इसका अध्ययन करगा और रोग- कीट प्रतिरोधी उन्नत दलहनी प्रभेदों के विकास की संभावनाओं की तलाश करगा। सिंचाई और सड़क की सुविधा भी वहां नगण्य है। आयोग इस बात का अध्ययन करगा कि इन सुविधाओं को विकसित कर कितना लाभ लिया जा सकता है।

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  • Web Title: टाल क्षेत्र के किसानों की समस्या पर आयोग गंभीर