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मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का इस्तीफा स्वीकार, कांग्रेस-झामुमो में जोड़तोड़ शुरू

मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का इस्तीफा स्वीकार, कांग्रेस-झामुमो में जोड़तोड़ शुरू

झारखंड के राज्यपाल सैय्यद अहमद ने बुधवार को मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया, लेकिन राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश पर तुरंत कोई निर्णय नहीं लिया।

राजभवन के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि अहमद ने मुंडा का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था होने तक अपने पद पर बने रहने को कहा है। सूत्रों ने बताया कि मुंडा ने अपने इस्तीफे के साथ विधानसभा भंग करने की सिफारिश की थी, जिस पर राज्यपाल अभी विचार विमर्श कर रहे हैं।
 
मुंडा ने मंगलवार सुबह राज्यपाल को अपना त्याग पत्र सौंपने और विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि वह पिछले दो साल से राज्य में स्थिर सरकार देने का प्रयास कर रहे थे और अपनी इस कोशिश में कामयाब भी रहे, लेकिन वर्तमान राजनीतिक स्थिति में नया जनादेश ही एकमात्र विकल्प बचा है। उल्लेखनीय है कि मुंडा 11 सितम्बर 2010 को तीसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।

कांग्रेस और झामुमो ने मुंडा की राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश को असंवैधानिक और हास्यास्पद करार दिया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी के साथ झारखंड विकास मोर्चा और आजसू ने नए जनादेश की मांग की है।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद सुबोधकांत सहाय ने कि भाजपा ने झारखंड विधानसभा भंग करने की सिफारिश कर असंवैधानिक कार्य किया है। झामुमो ने 24 घंटा पहले मुंडा सरकार से समर्थन वापस ले लिया था, इसलिए यह सरकार अल्पमत में आ गई और उसे विधानसभा भंग करने का अधिकार नहीं रह गया। विधानसभा भंग करने की सिफारिश करना भाजपा की एक हास्यास्पद कार्रवाई है।

झारखंड के उपमुख्यमंत्री और झामुमो विधायक दल के नेता हेंमत सोरेन ने भी मुंडा के राज्य विधानसभा भंग करने की सिफारिश करने के निर्णय को हास्यास्पद करार दिया। सोरेन ने कहा कि झामुमो कोटा का कोई भी मंत्री आज मंत्रिमंडल की बैठक में उपस्थित नहीं था।

अर्जुन मुंडा की गठबंधन सरकार में शामिल रहे आजसू ने कहा कि वह वर्तमान स्थिति मे जनता के बीच नए जनादेश के लिए जाना चाहेगी। पार्टी के प्रवक्ता देव शरण भगत ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल और जोड़तोड़ की राजनीति में आजसू शामिल नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि आजसू वर्तमान स्थिति में जनता के बीच नए जनादेश के लिए जाना चाहेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की केन्द्रीय कमेटी की बैठक नौ जनवरी को रांची में आयोजित होगी, जिसमें राज्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा मे आजसू के छह विधायक हैं।

झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के अध्यक्ष और सांसद बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्यपाल को बिना किसी देरी के विधानसभा भंग कर देना चाहिए। दरअसल उनकी पार्टी नए जनादेश की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि राज्य की मुंडा सरकार का असमय जाना तय था। मरांडी ने कहा कि उन्होंने पहले भी बहुत बार कहा था कि यह बेमेल गठबंधन है और इसका यही हश्र होना तय था।

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  • Web Title:कांग्रेस-झामुमो में जोड़तोड़ शुरू, मुंडा का इस्तीफा स्वीकार