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'मेरी बेटी के नाम पर हो बलात्कार रोधी कानून'

'मेरी बेटी के नाम पर हो बलात्कार रोधी कानून'

दिल्ली में सामूहिक बलात्कार और दरिंदगी की शिकार हुई लड़की के पिता ने गुरुवार को बलात्कार रोधी पुनरीक्षित कानून का नाम अपनी बेटी के नाम पर रखने की मांग दोहराई।

दिल्ली में गत 16 दिसम्बर को चलती बस में दरिंदगी की शिकार होने के बाद दुनिया को अलविदा कह गई 23 वर्षीय लड़की के पिता ने कहा कि मैं चाहता हूं कि बलात्कार रोधी नये कानून का नामकरण मेरी बेटी के नाम पर हो। यह उसके प्रति सम्मान की बात होगी। साथ ही यह जनभावना के प्रति भी आदर की बात होगी।

उन्होंने बताया कि अगर नये कानून का नामकरण उनकी बेटी के नाम पर नहीं होगा तो उन्हें तकलीफ जरूर होगी। अपनी बेटी के लिए जल्द न्याय की मांग करते हुए उन्होंने इस मामले में दिल्ली पुलिस की कार्यवाही पर संतोष जाहिर किया।

लड़की के पिता ने उत्तर प्रदेश सरकार से बलिया स्थित उनके पैतृक गांव में अपनी बेटी के नाम पर अस्पताल स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि उनकी पुत्री गांव के पिछड़ेपन को देखते हुए यहां अस्पताल खोलना चाहती थी।

बलात्कार पीड़िता नाम उजागर करना भारतीय दंड विधान की धारा 228 ए के तहत अपराध माना जाता है।

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