class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

'टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगता भारत ने'

'टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगता भारत ने'

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन का मानना है कि भारत को हालिया टेस्ट सीरीज़ में टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगतना पड़ा क्योंकि इंग्लैंड के स्पिनरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।
     
भारत को इंग्लैंड ने चार मैचों की टेस्ट सीरीज़ में 2-1 से हराया। हुसैन ने डेली मेल में अपने कॉलम में लिखा, भारत वह टीम नहीं रही जो कभी हुआ करती थी। दोनों टीमों में से इंग्लैंड बेहतर थी। इंग्लैंड के पास भारतीय हालात का फायदा उठाने के लिये बेहतर स्पिनर थे।
     
उन्होंने कहा कि इंग्लैंड की टीम मानसिक और शारीरिक रूप से अधिक फिट और जीत की भूखी थी। भारत विकेट लेने में नाकाम रहा। पहला टेस्ट जीतने के बाद भारत को लगा कि टर्निंग विकेट बनाकर वे इंग्लैंड को दबाव में ला देंगे। उनका यही अति साहसी रवैया उन्हें ले डूबा।
     
हुसैन ने कहा कि पहला टेस्ट हारने के बाद इंग्लैंड ने जबर्दस्त वापसी की। उन्होंने कहा कि इस सीरीज़ में दूसरी पारियां अहम साबित हुई और इसी से मैच का रूख तय हुआ।

हुसैन ने कहा कि जब एलेस्टेयर कुक ने अहमदाबाद में हारे हुए टेस्ट की दूसरी पारी में शतक जमाया तभी से हालात बदलने लगे। यह वही पल था जब कप्तान ने अपनी टीम से कहा होगा कि डरने की कोई जरूरत नहीं है। गेंद दोनों तरफ से टर्न नहीं ले रही है और यदि हम डटकर खेले तो बड़ा स्कोर बना सकते हैं।
     
उन्होंने कहा कि उसके बाद से सब कुछ इंग्लैंड के अनुकूल हुआ। उन्होंने स्पिनर मोंटी पनेसर और बल्लेबाज केविन पीटरसन की तारीफ की। उन्होंने यह भी कहा कि टिम ब्रेसनन बेहतरीन क्रिकेटर है लेकिन कुक और एंडी फ्लॉवर को जैसे ही यह समझ में आया कि पहले टेस्ट में मोंटी पनेसर को नहीं चुनकर उन्होंने गलती की, ब्रेसनन बाहर हो गया।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:'टर्निंग विकेट बनाने का खामियाजा भुगता भारत ने'