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संसद ने दी पंडित रविशंकर को श्रद्धांजलि

संसद ने दी पंडित रविशंकर को श्रद्धांजलि

संसद के दोनों सदनों ने बुधवार को प्रख्यात सितारवादक भारत रत्न पंडित रविशंकर के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

लोकसभा में अध्यक्ष मीरा कुमार ने पंडित रविशंकर के निधन का जिक्र करते हुए कहा कि इस विविधतापूर्ण व्यक्तित्व के चले जाने से हम बहुत दुखी हैं और सदन शोकसंतृप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करता है।

उन्होंने कहा कि 1986 से 1992 तक राज्यसभा के सदस्य रहे पंडित रविशंकर को अपने देश के अलावा दूसरे देशों में भी कई सम्मानों से नवाजा गया। इनमें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न शामिल है, जो उन्हें 1999 में प्रदान किया गया था।

दिवंगत संगीतकार को पद्म विभूषण, पद्म भूषण, विश्वभारती के देशिकोत्तम, संगीत परिषद यूनेस्को पुरस्कार, मैग्सेसे पुरस्कार और प्रतिष्ठित ग्रैमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। पंडित रविशंकर का अमेरिका के सैन डिएगो में बुधवार को निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे।

राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने उनके निधन का जिक्र करते हुए संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि रविशंकर अपने समय के सर्वाधिक विविधतापूर्ण प्रतिभाशाली संगीतज्ञ थे और उनके निधन से संगीत जगत को अपूर्णनीय क्षति हुई है।

अंसारी ने बांग्ला, हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों में रविशंकर के संगीत की चर्चा की और कहा कि उन्होंने कई रागों का सजन भी किया। मई 1986 से मई 1992 तक राज्यसभा के मनोनीत सदस्य रहे रविशंकर को भारत रत्न के पहले संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, यूनेस्को पुरस्कार, पद्म भूषण और पद्म विभूषण सम्मानों से भी सम्मानित किया गया था। दोनों सदनों में सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा।

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