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कैलोरी खूब खर्च करें, सेहत कमाएं

कैलोरी खूब खर्च करें, सेहत कमाएं

अच्छी सेहत के लिए जरूरी है अच्छा और संतुलित खानपान। बहुत पौष्टिक आहार भी किसी व्यक्ति के लिए नुकसानदेह हो सकता है और कोई कुपोषण का शिकार हो सकता है। इसलिए खाने में कैलोरी का खयाल रखना जरूरी है। जरूरी कैलोरी के बारे में जानकारी दे रही हैं शमीम खान

भोजन हमारी एक आधारभूत आवश्यकता है। इसके बिना जीवित रहना संभव नहीं है। हमें प्रतिदिन संतुलित भोजन खाना चाहिए, इससे न सिर्फ हमें स्वस्थ रहने के लिए सभी जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे बल्कि उचित मात्रा में कैलोरी भी मिल जाएगी। कैलोरी की आवश्यकता अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग होती है, जो उनके भार, ऊंचाई, लिंग, उम्र और जीवनशैली पर निर्भर करती है। आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आपके शरीर को कितनी कैलोरी की आवश्यकता है, ताकि आपका वजन भी नियंत्रण में रहे और आपको संतुलित पोषण भी मिल जाए।

क्या है कैलोरी
कैलोरी ऊर्जा को मापने का एक पैमाना है। हमारे मस्तिष्क, कोशिकाओं और उतकों को कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह ऊर्जा हमें भोजन से मिलती है। हमारे शरीर में ऊर्जा संग्रहीत होती है ताकि वह दो भोजन के बीच के समय में उपयोग हो सके। हमारे शरीर को एक निश्चित मात्रा में ही कैलोरी की आवश्यकता होती है। इस आवश्यकता से जितनी ज्यादा कैलोरी हम लेते हैं वह शरीर में वसा के रूप में संग्रहीत हो जाती है।

पुरुषों को चाहिए ज्यादा कैलोरी
पुरुषों का शरीर महिलाओं के मुकाबले आकार में बड़ा होता है। उनकी मांसपेशियों का भार भी महिलाओं से अधिक होता है, उन्हें महिलाओं के मुकाबले कैलोरी की अधिक आवश्यकता होती है। अगर किसी पुरुष का भार और आकार उसी उम्र की महिला के समान भी होगा तो भी उसे ज्यादा कैलोरी की आवश्यकता होगी। औसतन पुरुष महिलाओं के मुकाबले प्रतिदिन 400 कैलोरी अधिक जलाते हैं। पुरुषों को प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा जैसे माइक्रोन्युट्रिएंट्स भी अधिक मात्रा में आवश्यकता होती है। पुरुषों को 2000-2500 कैलोरी प्रतिदिन की आवश्यकता होती है और महिलाओं को 1800-2200 कैलोरी।

पकाने का तरीका भी है महत्वपूर्ण
आप क्या खा रहे हैं इसके साथ यह भी महत्वपूर्ण होता है कि उसे पकाने का तरीका कैसा है। आप डीप फ्राई कर रहे हैं या ज्यादा मक्खन और तेल का उपयोग कर रहे हैं तो इससे आपका कैलोरी इनटेक बहुत बढ़ जाएगा क्योंकि औसतन वसा के हर ग्राम से 9 कैलोरी मिलती है। पारंपरिक भारतीय खाना बनाने की विधियां सेहत के लिहाज से काफी उपयुक्त हैं। इससे भोजन स्वादिष्ट, पचने में आसान तो होता ही है, उसमें कैलोरी की मात्रा भी ज्यादा नहीं बढ़ती। चपाती नूडल्स या व्हाइट ब्रेड से ज्यादा पोषक होती है। एक चपाती में उसके आकार के अनुसार 80-110 कैलोरी होती है। इसमें प्रोटीन 3.5 ग्राम, वसा आधा ग्राम, लेकिन ट्रांस फैट और कोलेस्ट्रॉल बिल्कुल नहीं होता है। इसमें विटामिन ए, बी1, बी2, बी3, कैल्शियम, आयरन और फाइबर भी काफी मात्र में पाया जाता है। एक कटोरी सादी दाल में 117 कैलोरी होती है। इसमें वसा 1.7 ग्राम, सेचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रल बिल्कुल नहीं होता है, कार्बोहाइड्रेट 19 ग्राम, आयरन और फाइबर भी काफी मात्र में होते हैं। भारतीय भोजन कम प्रोसेस्ड और रिफाइन्ड होते हैं। दक्षिण भारतीय व्यंजन जैसे इडली, सांभर, उत्तपम और डोसा पोषण से भरपूर होते हैं और सोने पर सुहागा यह कि इनमें कैलोरी की मात्रा भी काफी कम होती है।

70 कैलोरी तो नहाने में खर्च हो जाती है
आइए जानें, किस काम में कितनी कैलोरी खर्च करते हैं आप

30 मिनट किचन गार्डन में काम करने से करीब 315 कैलोरी बर्न होती हैं
30 मिनट तक सीढ़ियां चढ़ने में 285 कैलोरी बर्न होती हैं
30 मिनट तक शरीर रगड़कर नहाने में 70 कैलोरी बर्न होती हैं
एक सब्जी को काटने, धोने, हिलाने और पकाने में करीब 96 कैलोरी बर्न हो जाती हैं
कार को 30 मिनट तक धोने में हाथों व पेट का व्यायाम होता है जिसमें 143 कैलोरी बर्न होती हैं
बाथरूम की टाइल्स को 30 मिनट तक घिसने में हाथों और कंधों की मांसपेशियां टोंड होती हैं और करीब 200 कैलोरी बर्न हो जाती हैं
30 मिनट तक खिड़की, दरवाजों की सफाई करने में 125 कैलोरी बर्न होती हैं। 20 मिनट पावर योगा करने में भी इतनी ही कैलोरी बर्न होती हैं
30 मिनट तक हाथ से बर्तन धोने में 265, वैक्यूमिंग करने में 190, झाड़ू देने में 150 और कपड़ों को प्रेस करने में 70 कैलोरी बर्न होती हैं

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