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मार्च तक होगी कोसी तटबंध की मरम्मत

बिहार में हर साल आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए भारत और नेपाल ने नदी परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का निर्णय लिया है। इसकी निगरानी के लिए शीघ्र ही ज्वाइंट मिनिस्ट्रियल कमिशन का गठन किया जाएगा। काठमांडू में जल संसाधन से संबंधित भारत-नेपाल संयुक्त समिति की तीन दिनों तक चली बैठक में यह फैसला लिया गया। केन्द्रीय जलसंसाधन सचिव उमेश नारायण पंजियार ने 14 सदस्यीय भारतीय दल का नेतृत्व किया जबकि नेपाल की ओर से वहां के जलसंसाधन सचिव शंकर कोइराला के नेतृत्व में 35 सदस्यीय दल ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद 13 सूत्री एक सहमति पत्र पर भी हस्ताक्षर किये गये।ड्ढr ड्ढr इसमें जल संसाधन के दोहन के लिए सहयोग बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया गया है। कुसहा में टूटे तटबंध के मरम्मत का काम जलस्तर में कमी के बाद अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगा और मार्च 200तक इसे पूरा कर लिया जाएगा। बैठक में नदी को मूल धारा में लौटाने पर भी नेपाल ने सहमति प्रकट की। महाकाली और गंडक समेत अन्य संयुक्त परियोजनाओं को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्णय लिया गया है। गौरतलब है कि समिति की बैठक चार साल के लंबे अंतराल के बाद हुई। इसकी अंतिम बैठक 2004 में नई दिल्ली में हुई थी। बैठक के बाद कोइराल ने बताया कि 6000 मेगावाट की पंचेश्वर परियोजना को अब युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा।

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  • Web Title: मार्च तक होगी कोसी तटबंध की मरम्मत