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दुनिया हम बना रहे हैं या दुनिया हमें : रूश्दी

जाने माने लेखक सलमान रूश्दी का कहना है कि उन्हें सैटेनिक वर्सेज लिखने का कोई अफसोस नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई टेलीविजन पत्रकार क्लाई जेम्स को दिए एक इंटरव्यू में भारतीय मूल के इस लेखक ने कहा कि उन्हें अफसोस इस बात का है कि वह धार्मिक मामलों पर कोई अहम किताब या कृति नहीं लिख पाए। सैटेनिक वर्सेज लिखने के कारण मौत का फतवा जारी होने के सवाल पर रूश्दी ने कहा कि मुझे इसका कतई अफसोस नहीं है। कुछ लोगों को मेरी बातें पंसद नहीं आई तो मैं क्या करूं। रूश्दी ने कहा कि वह अक्सर कुछ सवाल खुद से पूछते रहते हैं, जिसका जवाब उन्हें आज तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि क्या हम शासन करने वाले हैं या भुक्तभोगी। क्या हम इतिहास बना रहे हैं या इतिहास हमें। क्या हम नई दुनिया बना रहे हैं या ये दुनिया हमें बना रहीं हैं। लंदन में कड़ी सुरक्षा के बीच रहने वाले इस बेबाक लेखक के खिलाफ मुस्लिम दुनिया में कई बार प्रदर्शन हो चुके हैं। लेकिन इन सबसे बेफिक्र रूश्दी मानते हैं कि सैटेनिक वर्सेज को लेकर उन्हें कभी अफसोस नहीं होगा।

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