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नौकरी निजी कंपनियां और पैसे देगी सरकार

किसानों की लोन माफी और युवकों के लिए लोकलुभावन एमईएस (मोडय़ूलर इम्प्लायमेंट स्कीम) के बाद अब लाचारों के लिए भी केन्द्र का नया तोहफा है। नौकरी देंगी निजी कंपनियां और पैसे देगी सरकार। पूरा वेतन नहीं तो भविष्य निधि और बीमा की राशि ही सही। लेकिन चुनावी वर्ष में चौका, छक्का जड़ने के बाद एक-एक रन चुराने से भी परहेा नहीं है सरकार को। केन्द्र ने लाचार लोगों के आर्थिक उत्थान के लिए यह फामरूला तय किया है।ड्ढr ड्ढr राज्य सरकार भी इसपर अमल करने जा रही है। शर्त यही है कि लाचार लोगों की बहाली किसी भी निजी कंपनी में एक अप्रैल 2008 के बाद हुई हो। हर साल एक लाख लाचार लोगों को निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। वेतन की अधिकतम सीमा 25 हाार रुपये है। केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री श्रीमती मीरा कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखकर इस योजना पर अमल करने की सलाह दी तो राज्य सरकार ने भी इसे हाथो-हाथ उठा लिया। नि:शक्त जनों के राज्य आयुक्त महेश्वर प्रसाद सिंह ने पूछने पर बताया कि स्कीम पर काम चल रहा है। निजी कंपनियों को इसकी जानकारी दी जायेगी ताकि राज्य के अधिक से अधिक लाचार लोगों को नौकरी मिल सके। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निजी क्षेत्र में 25 हाार तक के वेतन पर बहाल ऐसे लोगों की भविष्य निधि और बीमा पर कंपनियों को खर्च नहीं करना पड़ेगा। तीन वर्ष तक इस मद में उनके हिस्से की राशि सरकार जमा करगी। इसके लिए सरकार भविष्य निधि संगठन और इएसआई निगम को एक निश्चित राशि पहले ही उपलब्ध करा देगी। सरकारी नियमों के अनुसार बहाली करने वाली कंपनियों द्वारा विकलांगता सर्टिफिकेट जमा करते ही उक्त योजना के तहत कंपनी के हिस्से की राशि कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में डाल दी जायेगी।

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