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जन-धन खातों का नोटबंदी में दुरुपयोग नहीं हो रहा

प्रधानमंत्री जन-धन योजना के अंतर्गत खोले गए बचत खाते नोटबंदी में गलत इस्तेमाल के आरोपों के बीच काफी सुर्खियों में हैं। हालांकि, हाल में जारी आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि खातों का दुरुपयोग नहीं हो रहा है।

प्रधानमंत्री जन-धन योजना द्वारा 9 नवंबर से 23 नवंबर के बीच जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक, इस अवधि में शून्य राशि जमा वाले खातों की संख्या में मात्र एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। 9 नवंबर को शून्य राशि जमा वाले जन-धन खातों की संख्या 59.4 करोड़ थी, जो 23 नवंबर को मामूली घटकर 58.9 करोड़ रह गए।

राज्यवार स्थिति पर नजर डालें तो उत्तराखंड में शून्य राशि जमा वाले जन-धन खातों की संख्या में 2 नवंबर से 23 नवंबर के बीच 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। जम्मू-कश्मीर में यह 12 प्रतिशत घटा है। वहीं, महाराष्ट्र, असम में इन खातों की संख्या में तेजी आई है। हालांकि, इसके पीछे माना जा रहा है कि लोगों ने या तो अपनी पूरी जमा राशि ही निकाल ली है या लेन-देन नहीं होने की वजह से बड़ी संख्या में खाते बट्टा खाते  में चले गए हैं।

इसलिए चिंता थी : जन-धन खातों को लेकर चर्चा है कि इसकी मदद से आयकर विभाग की नजरों से चुराकर पुराने नोट को सफेद करने की गतिविधियां हो रही हैं। इसमें खासकर शून्य राशि जमा वाले खातों को लेकर विशेष चिंता है।

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  • Web Title:prime minister jan-dhan yojana savings accounts notbandi misuse of account