Image Loading टोनी ग्रेग का निधन - LiveHindustan.com
गुरुवार, 05 मई, 2016 | 14:04 | IST
 |  Image Loading
ब्रेकिंग
  • मेरठ: फूलबाग कालोनी से अपहृत महामंडलेश्वर राजेंद्र स्वरूप का शव मवाना में मिला,...
  • कीनन-रूबेन हत्याकांडः मुंबई की अदालत ने सभी चारों दोषियों को उम्रकैद की सजा...
  • केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, डीजल टैक्सी बैन से बीपीओ काल सेंटर बिजनेस...
  • नोएडा: स्कूल बसों और ऑटो की टक्कर में इंजीनियर लड़की समेत 2 की मौत। क्लिक करें

टोनी ग्रेग का निधन

सिडनी, एजेंसी First Published:29-12-2012 12:06:00 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
टोनी ग्रेग का निधन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मशहूर कमेंटेटर टोनी ग्रेग का लंबे समय तक कैंसर से जूझने के बाद शनिवार को निधन हो गया। वह 66 वर्ष के थे। उन्हें नाजुक हालात में अस्पताल में भर्ती कराया था जहां उन्होंने आखिरी सांस ली।
    
उन्हें इस साल अक्टूबर में फेफड़ों का कैंसर होने का पता चला था जबकि मई से उनका दमे का इलाज चल रहा था। श्रीलंका में टी20 विश्व कप के बाद उनका टेस्ट कराया गया था।

सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया लौटने के बाद उनके दाहिने फेफड़े से तरल पदार्थ निकाला गया। टेस्ट से पता चला कि उन्हें फेफडों का कैंसर था। ग्रेग के बेटे मार्क ने अखबार को बताया कि उनके पिता का कैंसर चौथे चरण में पहुंच गया था।
    
ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच नवंबर में पहले टेस्ट की कमेंट्री के समय ग्रेग ने इस बीमारी का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि यह अच्छा नहीं है लेकिन सच यही है कि मुझे फेफड़ों का कैंसर है। अब देखना यह है कि डॉक्टर क्या कर सकते हैं।

दक्षिण अफ्रीका के क्वींसटाउन में जन्में ग्रेग स्कॉटिश अभिभावक होने के कारण इंग्लैंड के लिये खेल सके। उनके पिता स्कॉटलैंड के थे। उन्होंने 58 मैचों के टेस्ट करियर में 3599 रन बनाये और 141 विकेट लिये। इसके अलावा 22 वनडे में 269 रन बनाये और 19 विकेट चटकाये।
   
इंग्लैंड के शीर्ष अंतरराष्ट्रीय हरफनमौला ग्रेग ने कैरी पैकर को विश्व सीरिज क्रिकेट शुरू करने में मदद की थी जिसमें इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के कई क्रिकेटरों ने भाग लिया था। इसकी वजह से उन्हें इंग्लैंड की कप्तानी गंवानी पड़ी। ग्रेग की कप्तानी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन टीम ने 1976-77 के भारत दौरे पर किया।
    
भारत में 15 साल में पहली बार इंग्लैंड ने धमाकेदार जीत दर्ज की। पहले तीन टेस्ट बड़े अंतर से जीते। वह 1977 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद सफल कमेंटेटर बने। अपने बेबाक बयानों के लिये मशहूर ग्रेग ने डीआरएस इस्तेमाल नहीं करने के लिये बीसीसीआई की आलोचना की थी।

आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
 
 
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
क्रिकेट