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सचिन के समक्ष समय रुक जाता था: टाइम पत्रिका

मुम्बई, एजेंसी First Published:23-12-2012 06:27:54 PMLast Updated:24-12-2012 05:37:35 PM
सचिन के समक्ष समय रुक जाता था: टाइम पत्रिका

विश्व की प्रमुख पत्रिकाओं में से एक टाइम ने रविवार को एकदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा करने वाले भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की तारीफ करते हुए कहा कि सचिन क्रिकेट जगत की वह शख्सियत हैं, जिनके आगे समय भी रुक जाया करता था।

सचिन के सम्मान में पत्रिका ने लिखा है, ''समय किसी को नहीं छोड़ता। वह हर किसी पर भारी पड़ता है, लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब खुद समय सचिन के आगे रुक जाया करता था। हमें चैम्पियन मिलेंगे, हमें महान खिलाड़ी मिलेंगे लेकिन हमें फिर कभी कोई दूसरा सचिन तेंदुलकर नहीं मिलेगा।''

''सचिन जब पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों का सामना करने के लिए पाकिस्तान पहुंचे थे, तब माइकल शूमाकर ने एफ-1 में अपनी खनक नहीं दिखाई थी और न ही लांस आर्म्सट्रांग ने कभी टूर डी फ्रांस में हिस्सा लिया था। डिएगो मैराडोना विश्व कप जीतने वाली अर्जेटीनी टीम के कप्तान थे और पीट सैम्प्रास ने कभी कोई ग्रैंड स्लैम नहीं जीता था।''

''सचिन ने जब इमरान खान और उनकी टीम की बखिया उधेड़ते हुए अपने शानदार करियर की शुरुआत की थी तब रोजर फेडरर का नाम सुना भी नहीं गया था। उस समय लियोनेल मेसी बच्चों थे और उसैन बोल्ट बचपन के मजे ले रहे थे। यह वह वक्त था जब बर्लिन की दीवार खड़ी थी। यूएसएसआर एक देश था और मनमोहन सिंह ने नेहरूवादी अर्थव्यवस्था की शुरुआत नहीं की थी।''

तेंदुलकर ने 463 एकदिवसीय मैचों में 44.83 की औसत से 18,426 रन बनाए हैं जिनमें 49 शतक और 96 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उनका व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 200 है।

2010 में तेंदुलकर ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ग्वालियर में नाबाद 200 रनों की पारी खेली थी। एकदिवसीय क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले वह विश्व के इकलौते खिलाड़ी हैं।

तेंदुलकर ने अपना अंतिम एकदिवसीय मैच पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप में 18 मार्च, 2012 को ढाका में खेला था। इस मुकाबले में उन्होंने मैच जिताऊ अर्धशतक लगाया था।

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