Image Loading
शुक्रवार, 30 सितम्बर, 2016 | 10:24 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • सर्जिकल स्ट्राइक के बाद संभला भारतीय शेयर बाजार, 63 अंक की बढ़त के साथ 27,891 पर...
  • सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारतीय नौसेना अलर्ट, मुंबई में नेवी के कई कार्यक्रम...
  • INDvsNZ: कोलकाता टेस्ट में भारत का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला
  • कोलकाता टेस्ट से पहले कीवी टीम को बड़ा झटका, इसके अलावा पढ़ें क्रिकेट और अन्य...
  • सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारतीय सेना ने बीती रात जम्मू-कश्मीर के सांबा सेक्टर के...
  • INDvsNZ: कोलकाता टेस्ट में न्यूजीलैंड की कप्तानी करेंगे रोस टेलर, बीमार केन विलियमसन...
  • मौसम अलर्टः दिल्लीवालों को गर्मी से नहीं मिलेगी राहत। पटना, रांची और देहरादून...
  • भविष्यफल: मेष राशि वालों के लिए आज है मांगलिक योग। आपकी राशि क्या कहती है जानने...
  • कल से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, आज ही कर लें ये तैयारियां
  • PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन में 38 आतंकी ढेर, पाक का 1 भारतीय सैनिक को पकड़ने का...

सुप्रीम कोर्ट नई औषधि नीति पर करेगा विचार

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:27-11-2012 10:26:44 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
सुप्रीम कोर्ट नई औषधि नीति पर करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह नई राष्ट्रीय औषधि मूल्य नीति की अधिसूचना जारी होने के बाद इस पर गौर करेगा। इससे पहले, केन्द्र सरकार ने न्यायालय को भरोसा दिलाया कि नई औषधि नीति दो सप्ताह के भीतर अधिसूचित कर दी जाएगी।

न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने केन्द्र सरकार को नई औषधि नीति की अधिसूचना जारी करने के लिए केन्द्र को दो सप्ताह का समय देते हुए इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को करने का निश्चय किया है।

अतिरिक्त सालिसीटर जनरल सिद्धार्थ लूथरा ने न्यायालय को सूचित किया कि इस नीति को केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 22 नवंबर को मंजूरी दे दी है। इस मूल्य नीति के दायरे में 348 आवश्यक दवाओं को लाया जाएगा और इस बारे में शीघ्र ही अधिसूचना जारी की जाएगी। न्यायालय अखिल भारतीय ड्रग्स एक्शन नेटवर्क द्वारा 2003 में दायर याचिका पर विचार कर रहा था। इस याचिका में आरोप लगाया गया था कि इस समय करीब 78 दवाओं को ही औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश, 1995 के तहत रखा गया है और शेष सभी दवायें आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं।

नई औषधि नीति के बारे में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का हवाला देते हुये याचिकाकर्ता ने कहा कि इसके बाद आवश्यक दवाओं की कीमतें बढ़ जाएंगी। लेकिन न्यायाधीशों ने कहा कि वे समाचार पत्रों की खबरों पर ध्यान देने की बजाए नई औषधि नीति की अधिसूचना जारी होने के बाद इस पर विचार करेंगे। कोर्ट ने सरकार से कहा था कि दवाओं की लागत पर आधारित मूल्य नीति की व्यवस्था में किसी प्रकार का बदलाव किए बगैर नई औषधि नीति को 27 नवंबर तक अंतिम रूप दिया जाए।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड