Image Loading भविष्य में चीनी की कीमतों में गिरावट के आसार - LiveHindustan.com
बुधवार, 04 मई, 2016 | 17:12 | IST
 |  Image Loading
ब्रेकिंग
  • सेंसेक्स 127.97 अंक गिरकर 25,101.73 पर और निफ्टी 7,706.55 पर बंद
  • टी-20 और वनडे रैंकिंग में टीम इंडिया लुढ़की
  • यूपी के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के जज बने। मप्र व...
  • बरेली में मेडिकल के छात्र का अपहरण, बदमाशो ने घर वालो से मांगी 1 करोड़ की फिरौती
  • राज्य सभा की अनुशासन समिति ने विजय माल्या की सदस्यता तत्काल खत्म करने की...
  • उत्तराखंड मामलाः केंद्र ने SC में कहा, बहुमत परीक्षण पर कर रहे विचार, शुक्रवार को...

भविष्य में चीनी की कीमतों में गिरावट के आसार

मुंबई, एजेंसी First Published:25-12-2012 01:30:52 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
भविष्य में चीनी की कीमतों में गिरावट के आसार

पिछले बचे अधिक स्टॉक तथा कमजोर वैश्विक मूल्य के कारण निकट भविष्य में चीनी की कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है। प्रमुख क्रेडिट रेटिंग एजेंसी आईसीआरए की सहायक संस्था आईएमएसीएस ने आज यह जानकारी दी है।
    
आईएमएसीएस ने एक रिपोर्ट में कहा कि लगातार तीसरे वर्ष अधिशेष उत्पादन की संभावना को देखते हुए चीनी की वैश्विक कीमत चीनी वर्ष 2013 में गिरने की उम्मीद है। पहले के बचे स्टॉक के और बढ़ने की भविष्यवाणी की गई है जिसके कारण वैश्विक चीनी कीमतों पर दबाव बढ़ेगा।
    
भारत में चीनी वर्ष अक्टूबर से लेकर सितंबर महीने तक का होता है। चीनी वर्ष 2013 में चीनी उत्पादन करीब 24 से 26 लाख टन घटकर 2.4 करोड़ टन रह जाने की उम्मीद है।
    
रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले के बचे हुए करीब 68 लाख टन के स्टॉक को देखते हुए चीनी वर्ष 2012 में चीनी की कुल उपलब्धता करीब 3.07 से 3.1 करोड़ टन होने का अनुमान है।
    
इसकी तुलना में चीनी की खपत बढ़कर 2.27-2.3 करोड़ टन होने की उम्मीद है जिसके कारण करीब 80 लाख टन का अधिशेष स्टॉक बच जायेगा।
    
इसमें कहा गया है कि 61 लाख टन के बचे हुए स्टाक पर विचार करते हुए चीनी वर्ष 2012 में निर्यात 35 लाख टन से घटकर चीनी वर्ष 2013 में करीब 20-22 लाख टन रह जाने की संभावना है।
    
आईएमएसीएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2012-13 के दौरान चीनी उत्पादन में गिरावट की उम्मीद तथा सरकार के द्वारा निर्धारित इथेनॉल की कम कीमत को देखते हुए ईंधन इथेनॉल जैसे प्रति उत्पादों का परिदृश्य अनिश्चित लग रहा है।
    
रिपोर्ट में कहा गया है कि विगत तीन वर्षों तक चीनी का अधिक उत्पादन हुआ और इसकी वार्षिक वृद्धि दर 22 प्रतिशत थी। इस वृद्धि दर के साथ अब चीनी वर्ष 2013 के दौरान चीनी उत्पादन करीब आठ से नौ प्रतिशत घटकर 2.4 करोड़ टन रहने की भविष्यवाणी की गई है जिसका मुख्य कारण गन्ना उत्पादन में गिरावट आना है।
    
इसके अलावा इसमें कहा गया है कि चीनी के मुकाबले गुड़ की अधिक कीमत, गन्ने के अधिक बकाये और चीनी मिलों के कमजोर होते वित्तीय प्रदर्शन के कारण गुड़ के लिए गन्ने का स्थानांतरण अधिक हो सकता है।
    
भारत में चीनी का उत्पादन गन्ने के उत्पादन और उपलब्धता तथा चीनी, गुड़ और खांडसारी के लिए इसके इस्तेमाल पर निर्भर है।
    
भारत का गन्ना उत्पादन चीनी वर्ष 2013 के दौरान 6.2 प्रतिशत घटने की भविष्यवाणी की गई है जिसका कारण सत्र की शुरुआत में कमजोर मानसून के कारण उपज में 6.5 प्रतिशत की गिरावट आना है। देश में चीनी की खपत मध्यम अवधि में 2.5-तीन प्रतिशत प्रतिवर्ष बढ़ने की उम्मीद है।

आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
 
 
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
क्रिकेट
टी-20 WC हार के बाद रैंकिंग में खिसका भारत, वनडे में भी लुढ़कीटी-20 WC हार के बाद रैंकिंग में खिसका भारत, वनडे में भी लुढ़की
टी-20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार का टीम इंडिया को खामियाजा रैंकिंग में भी भुगतना पड़ा है। टी-20 वर्ल्ड कप में नंबर-1 रैंकिंग के साथ पहुंची टीम इंडिया दूसरे पायदान पर खिसक गई है।