Image Loading
सोमवार, 26 सितम्बर, 2016 | 12:33 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • शहाबुद्दीन की जमानत के खिलाफ अर्जी पर सुनवाई टली, बुधवार को होगी अगली सुनवाई।
  • KANPUR TEST: कीवी टीम को सातवां झटका, जीत से तीन विकेट दूर टीम इंडिया
  • पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली एक...
  • KANPUR TEST: कीवी टीम को लगा पांचवां झटका, ल्यूक रोंकी आउट
  • 'ANTI-INDIAN TWEETS' करने पर PAK एक्टर मार्क अनवर को ब्रिटिश सीरियल से बाहर कर दिया गया। ऐसी ही...
  • INDvsNZ टेस्ट सीरीजः मार्क क्रेग बाकी दो टेस्ट मैचों से बाहर, जीतन पटेल लेंगे उनकी...
  • KANPUR TEST: पांचवें दिन का खेल शुरू, भारत को जीत के लिए चटकाने होंगे 6 विकेट
  • इसरो का बड़ा मिशन: श्रीहरिकोटा से PSLV-35 आठ उपग्रहों को लेकर अंतरिक्ष के लिए हुआ...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली-NCR में मौसम गर्म रहेगा। पटना और रांची में बारिश का अनुमान।...
  • सुबह की शुरुआत करने से पहले पढ़िए अपना भविष्यफल, जानें आज का दिन आपके लिए कैसा...
  • हिन्दुस्तान सुविचार: मैं ऐसे धर्म को मानता हूँ जो स्वतंत्रता , समानता और ...
  • भारत तोड़ सकता है सिंधु जल समझौता, यूएन में सुषमा पाक को देंगी जबाव, अन्य बड़ी...

कांग्रेस के मसौदे में 30 साल कैद, रासायनिक बंध्याकरण

नई दिल्ली, एजेंसी First Published:30-12-2012 05:24:55 PMLast Updated:30-12-2012 11:35:31 PM
कांग्रेस के मसौदे में 30 साल कैद, रासायनिक बंध्याकरण

राजधानी दिल्ली में सामूहिक बलात्कार की घटना के बीच कांग्रेस ने एक विधेयक के मसौदे में दुष्कर्म के दोषियों के लिए 30 साल तक की कैद का प्रस्ताव रखा है और दुर्लभ मामलों में दोषियों को रासायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाने तक का प्रावधान शामिल करने का प्रस्ताव है।

सूत्रों ने बताया कि कांग्रेसी विधेयक का अंतिम मसौदा न्यायमूर्ति जे एस वर्मा के नेतृत्व वाली उस समिति को सौंपा जाएगा, जिसका गठन केंद्र सरकार ने 16 दिसबर की दहला देने वाली घटना के बाद किया। हालांकि कानून के मसौदे को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

इस कड़े कानून के कुछ प्रस्तावित प्रावधानों में बलात्कार के दोषियों को 30 वर्ष तक की सजा और ऐसे मामलों में तीन महीने में निर्णय करने के लिए फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन करना शामिल है।

कानून के प्रावधानों पर चर्चा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में गत 23 दिसम्बर को हुई थी, जब उन्होंने सामूहिक बलात्कार की घटना के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले लोगों के एक समूह के साथ बैठक की थी।

किशोर वय और उनसे कम उम्र के बच्चों से जुड़े कानूनों को फिर से परिभाषित करने का भी सुझाव है। हालिया सामूहिक बलात्कार मामले में एक आरोपी की उम्र 18 साल से कुछ महीने कम है। एक वर्ग ने यह विचार रखा कि 15 साल से कम उम्र के बच्चों को ही किशोर की परिभाषा के दायरे में लाया जाना चाहिए।

सोनिया गांधी नीत राष्ट्रीय सलाहकार परिषद को इस पूरी कवायद में शामिल किया जा सकता है, जिसने आरटीआई जैसे कई महत्वपूर्ण कानूनों का मसौदा तैयार किया है। सूमों ने कहा कि कृष्णा तीरथ के नेतृत्व वाले महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने गत शुक्रवार को इस मुद्दे पर विभिन्न हितधारकों से लंबी बैठक की थी जिसके दौरान कई सुझाव सामने आए।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय प्राप्त सुझावों का सारांश तैयार करके न्यायमूर्ति वर्मा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति को सौंपेगा, जिसका गठन महिलाओं के खिलाफ अपराधों से निपटने के लिए वर्तमान कानूनों की समीक्षा करने के वास्ते सिफारिशें करने के लिए किया गया है।

सूत्रों ने कहा कि अभी तक कोई सरकारी मसौदा नहीं है। हम जो सारांश जे एस वर्मा समिति को सौंपेंगे वह पहला लिखित दस्तावेज होगा, जिस पर नया कानून आधारित होगा। सोनिया ने 10 जनपथ स्थित अपने आवास पर प्रदर्शनकारियों के साथ बैठक के दौरान बलात्कार के मामलों की सुनवायी के लिए फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का समर्थन किया था, जिसमें 90 दिन में फैसला सुनाने का प्रावधान हो। वहीं पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने यह कहते हुए बलात्कार दोषियों को रासायनिक प्रक्रिया से नपुंसक बनाने का कड़ा समर्थन किया था कि ऐसी सजा विभिन्न देशों में पहले से लागू है और इससे इस तरह के अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने में काफी हद तक सफलता मिली है।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड