Image Loading
रविवार, 29 मई, 2016 | 20:56 | IST
 |  Image Loading
ब्रेकिंग
  • आईपीएल 9 फाइनल: सनराइजर्स का दूसरा विकेट गिरा, हेनरिक्स 4 रन पर आउट
  • आईपीएल 9 फाइनल: सनराइजर्स का पहला विकेट गिरा, शिखर धवन 28 पर आउट
  • आईपीएल 9 फाइनल: सनराइजर्स ने 5 ओवर में बिना किसी नुकसान के 46 रन बनाए
  • आईपीएल 9 फाइनल: सनराइजर्स ने दो ओवर में बिना किसी नुकसान के 12 रन बनाए
  • आईपीएल 9 फाइनल: सनराइजर्स हैदराबाद ने आरसीबी के खिलाफ टॉस जीता, पहले बल्लेबाजी...
  • दिल्ली: आप विधायक जगदीप गिरफ्तार, हरिनगर से विधायक हैं जगदीप, कूड़ा फेंकने पर...
  • किरण बेदी ने उपराज्यपाल की शपथ ली, पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद की शपथ ली: टीवी...
  • गुड़गांव के मानेसर प्लांट में आग लगी, करोड़ों रुपये का सामान जला: टीवी रिपोर्ट्स
  • भाजपा ने वेंकैया नायडू, बीरेंद्र सिंह, निर्मला सीतारमण, मुख्तार अब्बास नकवी और...
  • कर्नाटक के दावणगेरे में पीएम मोदी की रैली, पीएम मोदी ने कहा, देश को गलत दिशा में...
  • मथुरा जंक्शन पर ट्रेन में बम रखे होने की आगरा से मिली झूठी सूचना , आधा दर्जन...
  • विदेशियों पर हमले पर बोले विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह, पुलिस से मामले की...
  • BSEB 10th result : टॉप 10 में 42 बच्चे हैं। सभी जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय के हैं। पूरी...
  • BSEB 10th result : सीबीएसई की तर्ज पर बिहार बोर्ड भी करेगा कंपार्टमेंट एग्जाम। चेक करें...
  • BSEB 10th result : 10.86% छात्र ही प्रथम श्रेणी में पास हो सके। Click कर देखें रिजल्ट
  • BSEB 10th result : 54.44% लड़के पास हुए जबकि मात्र 37.61% लड़कियां ही पास हो सकीं। Click कर देखें रिजल्ट
  • हिन्दुस्तान ब्रेकिंगः BSEB 10th result : मैट्रिक का रिजल्ट 50% भी नहीं, Click कर देखें रिजल्ट

अश्विनी आदि हैं गण्ड मूल के नक्षत्र

First Published:25-03-2013 10:18:37 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

गण्ड मूल के नक्षत्रों में जन्म लेने वाले जातकों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- कुसुमलता, झरिया, झारखंड
‘जातका भरणम’, ‘जातक पारिजात’ और ‘ज्योतिष पाराशर’ ग्रंथों में गण्डांत या गण्ड मूल नक्षत्रों का उल्लेख है। मुख्यत: वे नक्षत्र, जिनसे राशि और नक्षत्र दोनों का ही प्रारम्भ या अंत होता है, वे इस श्रेणी में आते हैं। इस तरह अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल और रेवती नामक नक्षत्र गण्ड मूल नक्षत्र हैं। इन सभी नक्षत्रों के स्वामी या तो बुध हैं या केतु। शास्त्रों में इन सभी नक्षत्रों में जन्म लेने वाले जातकों के लिए जन्म से ठीक 27वीं तिथि को मूल शांति आवश्यक बताई गई है। वैसे इन नक्षत्रों में जन्म लेने वाले जातकों के जीवन में किसी तरह की नकारात्मक स्थिति होती है, ऐसा नहीं है। लेकिन इन जातकों के लिए धन-हानि और अर्जित निधि को खोने की आशंकाएं बनी रहती है। अश्विनी, मघा और मूल नक्षत्र के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक जीवन में सफल होते हैं, वहीं रेवती नक्षत्र के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले जातक भाग्यशाली होते हैं।

अष्टगंध क्या है? इसका क्या महत्व है?
- प्रभु दयाल, बक्सर, बिहार
कर्मकांड और भिन्न-भिन्न देवी-देवताओं के यंत्र को लिखते समय अष्टगंध का प्रयोग होता है। अष्टगंध जैसा कि नाम से जाहिर है, आठ प्रकार की वस्तुओं को मिला कर ही बनता है। लेकिन विद्वानों में इसे लेकर मतभेद हैं। शैव संप्रदाय के लोग इनमें ये वस्तुएं प्रमुख मानते हैं- चंदन, अगरू, कपरूर, तमाल, पानी या जल, कंकु, कुशीत और कुष्ठ। इसके ठीक विपरीत- कुंकुम, अगरू, चंद्रभाग, कस्तूरी, त्रिपुरा, गोरोचन, तमाल और जल को बराबर-बराबर हिस्सों में मिला कर बनने वाली वस्तु को अष्टगंध कहते हैं। शाक्त और कहीं-कहीं शैव इसे ही अष्टगंध के रूप में स्वीकार करते हैं। वैष्णवों को चंदन, अगरू, हीरवेर, कुष्ठ, कुंकुम, सेव्यका, जटामांसी और मुर द्वारा बनाई गई अष्टगंध सर्वाधिक प्रिय है। कालिकापुराण में इसका विस्तार से वर्णन है। बिल्कुल चूर्ण की बनी हुई, आग में भस्म के रूप में बदल चुकी हो या फिर अच्छी तरह छान कर बनाई गई गंध देवी-देवताओं को विशेष प्रकार का सुख प्रदान करने वाली मानी गई है।
(इस दूसरे प्रश्न का समाधान पं. भानुप्रतापनारायण मिश्र ने दिया है)

 
 
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
Bihar Board Result 2016
Assembely Election Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
क्रिकेट
आईपीएल 9 फाइनल: वार्नर ने संभाला सनराइजर्स का मोर्चाआईपीएल 9 फाइनल: वार्नर ने संभाला सनराइजर्स का मोर्चा
डेविड वार्नर ने नाबाद अर्धशतक जमाकर इंडियन प्रीमियर लीग के फाइनल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलूर के खिलाफ सनराइजर्स हैदराबाद का मोर्चा पूरी मजबूती से संभाल लिया है। समाचार लिखे जाने तक सनराइजर्स ने दो विकेट खोकर 10 ओवर में 97 रन बना लिए थे।