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बालिग मानें 16 का अपराधी

नई दिल्ली, विशेष संवाददाता First Published:05-01-2013 12:00:28 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

केंद्र सरकार अपराध के संदर्भ में नाबालिगों की उम्र 18 से घटाकर 16 वर्ष करने की तैयारी में है। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (डीजीपी) की बैठक बुलाई थी।

इसमें अधिकतर प्रतिनिधियों ने नाबालिगों की उम्र सीमा घटाने का सुझाव दिया। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि सुझावों पर विचार कर सरकार संसद के बजट सत्र के दौरान संशोधन विधेयक पेश करेगी। राज्यों के शीर्ष अधिकारियों की उच्च स्तरीय बैठक राजधानी में एक छात्रा से गैंगरेप के मद्देनजर हुई। इसमें सबसे ज्यादा बहस नाबालिग की उम्र तय करने को लेकर हुई।

अधिकांश डीजीपी नाबालिग की उम्र घटाने के पक्ष में थे। लेकिन बलात्कार मामले में मौत की सजा पर राज्यों के प्रतिनिधियों की राय जुदा रही। बैठक में महिला अपराधों से जुड़े कानूनों के सख्त बनाने की भी मांग उठी। कई अधिकारियों ने महिलाओं से छेड़छाड़ पर भी सख्त सजा का सुझाव दिया। गृह मंत्रालय का मानना है कि यौन अपराध या रेप मामले में 15 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को भी दूसरे अपराधियों की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। शिंदे ने कहा कि सरकार अधिकारियों से मिले सभी सुझावों पर गौर करेगी। महिला एवं बाल विकास मंत्री कृष्णा तीरथ भी जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधन की वकालत कर चुकी हैं।

बैठक के शुरू में ही शिंदे ने साफ कर दिया था कि महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोग डर और आशंकाओं के बीच रहें, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।

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