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भारतीय शेयर बाजारों का दुनिया में तीसरा बेहतरीन प्रदर्शन

मुम्बई, एजेंसी First Published:31-12-2012 10:27:12 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
भारतीय शेयर बाजारों का दुनिया में तीसरा बेहतरीन प्रदर्शन

भारतीय शेयर बाजार 2012 में दुनिया में सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले शेयर बाजारों में तीसरे स्थान पर रहे। इस वर्ष विदेशी संस्थागत निवेशकों ने शेयर बाजारों में 24 अरब डॉलर का निवेश किया।

इसके अलावा घरेलू निवेशकों ने भी धुआंधार खरीददारी की, जिसके कारण शेयर बाजारों का एक प्रमुख सूचकांक एक साल पहले के स्तर से 25 फीसदी ऊपर जा पहुंचा।

50 शेयरों वाले थाईलैंड सेट सूचकांक और 30 शेयरों वाले जर्मनी के डाउशेर एक्टीन सूचकांक के बाद बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों वाले सूचकांक सेंसेक्स का प्रदर्शन तीसरे स्थान पर रहा।

साल के आखिरी दिन सोमवार को सेंसेक्स 19,426.71 पर बंद हुआ, जो 2011 के आखिरी कारोबारी सत्र के बंद स्तर 15,454.92 से 25.70 फीसदी या 3,971.79 अंक ऊपर है।

बीएसई के आंकड़े के मुताबिक पूरे साल में सेंसेक्स ने 19,612.18 के ऊपरी और 15,358.02 के निचले स्तर को छुआ।

एंजल ब्रोकिंग के शोध उपाध्यक्ष वैभव अग्रवाल ने कहा, ''सितम्बर के बाद सुधारात्मक कदमों के कारण बाजार में तेजी आई।''

अग्रवाल ने आईएएनएस से कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर सब्सिडी घटाने और खुदरा कारोबार, उड्डयन, बीमा और बैंकिंग में विदेशी निवेश के नियमों का उदारीकरण करने के कारण बाजार में बेहतर संकेत गया।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजारों में 2012 में 24 अरब डॉलर मूल्य के शेयरों की लिवाली की।

इसके उलट विदेशी निवेशकों ने 2011 में कुल 357.8 अरब डॉलर की बिकवाली कर बांड बाजार में 8.65 अरब डॉलर निवेश किया था। 2010 में विदेशी निवेशकों ने शेयर बाजारों में 29.36 अरब डॉलर तथा बांड बाजारों में 10.11 अरब डॉलर का निवेश किया था।

आलोच्य वर्ष में सेंसंक्स में तेजी में रहने वाले शेयरों में टाटा मोटर (75 फीसदी), आईसीआईसीआई बैंक (66 फीसदी), मारुति सुजुकी (63 फीसदी) और एलएंडटी (61 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

सेंसेक्स में सर्वाधिक गिरावट वाले शेयरों में रहे इंफोसिस (16.5 फीसदी), गेल इंडिया (8 फीसदी), भारती एयरटेल (7 फीसदी) और भेल (4.5 फीसदी)।

अग्रवाल ने कहा कि 2013 में बैंक, आईटी, फार्मा और वाहन शेयरों में अच्छी प्रगति रहने का अनुमान है।

डिलायटी हास्किंस एंड सेल्स के निदेशक अनीस चक्रवर्ती ने कहा कि 2013 में बाजार के बेहतर प्रदर्शन का अनुमान है।

उन्होंने कहा, ''भारतीय रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का संकेत दिया है। महंगाई में कुछ गिरावट आई है। आर्थिक तेजी की सम्भावना है। इसलिए इनका बाजार पर सकारात्मक असर रहने की उम्मीद है।''

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी भी इस साल 27 फीसदी उछल कर साल के आखिरी कारोबारी दिन सोमवार को 5,905.10 पर बंद हुआ।

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