Image Loading
रविवार, 25 सितम्बर, 2016 | 09:13 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • #INDvsNZ: कानपुर टेस्ट के तीसरे दिन के 5 टर्निंग प्वाइंट्स, खेल की दुनिया की टॉप 5 खबरें...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली-NCR में गर्म रहेगा मौसम। लखनऊ, पटना और रांची में बारिश की...
  • सुबह की शुरुआत करने से पहले जानिए अपना भविष्यफल, जानिए आज कैसा रहेगा आपका दिन
  • सुविचार: मनुष्य का स्वाभाव है कि जब वह दूसरों के दोष देख कर हंसता है, तब उसे अपने...
  • Good Morning: पाक को PM का करारा जबाव, बदहाल यूपी पर क्या बोले राहुल, और भी बड़ी खबरें जानने...

‘नाबालिग के नाम पर बचने नहीं देंगे’

First Published:29-12-2012 11:42:52 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

‘पीआईएल’नई दिल्ली वरिष्ठ संवाददाता

पीड़िता की मौत ने एक तरफ जहां पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, वहीं इस दर्दनाक घटनाक्रम का गवाह रहा उसक दोस्त अंदर तक हिल गया है। उसके परिजन इस सूचना से आहत थे, लेकिन अब उनका एक ही मकसद है कि दरिंदों को फांसी तक पहुंचाया जाए। इस बीच छह में से एक दरिंदा खुद को नाबालिग बता रहा है, लेकिन शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे इस बात का लाभ नहीं मिलना चाहिए।

शिकायतकर्ता के मामा व वकील डी.के. मिश्रा ने बताया कि वे अदालत में पीआईएल दायर करेंगे और उसे सजा-ए-मौत दिलाने की अपील करेंगे। मिश्रा का कहना था कि सिर्फ एक स्कूल के सर्टिफिकेट में छह माह के आंकड़े को दिखा और नाबालिग बनकर वह इस नृशंस हत्या के आरोप से नहीं बच सकता है। उनका कहना था कि ऐसे उदाहरण हैं जब इस तरह के मामलों में सजा हुई हैं। इस बीच प्रशासन ने नाबालिग आरोपी को दूसरे सुधार गृह में भेज दिया है।

सुरक्षा की दृष्टि से यह फैसला किया गया है। दोस्त भी लड़ रहा है इंसाफ की जंग :13 दिनों के संघर्ष के बाद पीड़िता मौत से हार गई, लेकिन उसका दोस्त इंसाफ की जंग को अंजाम तक ले जाने में लगा है। युवक का पूरा परिवार उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। दिल्ली के अस्पताल में जब पीड़िता संघर्ष कर रही थी तो युवक शिकायत दर्ज कराने से लेकर, आरोपियों को पकड़वाने, पहचान करने और सुबूत जुटाने की कोशशि में कानून की मदद में लगा था।

पुलिस की उसने काफी मदद की। यहां तक कि उसी के सुराग पर दरिंदे सलाखों के पीछे पहुंचे। तड़के ढाई बजे ही आ गई थी सूचना :शिकायतकर्ता के परिवार को तड़के ढाई बजे ही सूचना मिली कि पीड़िता अब इस दुनिया में नहीं रही। इसके बाद सिंगापुर के आईसीयू में फैला मातम का साया दिल्ली पहुंच गया। युवक ने इस पूरे दर्दनाक हादसे को सबसे करीब से देखा था और इसे टालने की भरपूर कोशशि की थी। ऐसे में कहीं न कहीं उसे पूरे घटनाक्रम की कचोट है।

परिजन उसे सबके सामने लाने में हिचकिचा रहे हैं, लेकिन इंसाफ की लड़ाई में वह उसके साथ है।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड