Image Loading
बुधवार, 22 फरवरी, 2017 | 07:19 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • आज का हिन्दुस्तान अखबार पढ़ने के लिए क्लिक करें।
  • राशिफलः कर्क राशिवालों की नौकरी में स्थान परिवर्तन के योग, आय में वृद्धि होगी,...
  • Good Morning: माल्या और टाइगर मेमन को भारत लाने की संभावना बढ़ी, अमर सिंह बोले-...

अथ, करमगति टारे नाहीं टरी

उर्मिल कुमार थपलियाल First Published:28-12-2012 07:32:17 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

अब यह तो सच है कि जैसे सरकार के खिलाफ हड़ताल होने पर विरोधी दल वाले खुश होते हैं, वैसे ही दिल्ली पुलिस की किरकिरी होने पर उत्तर प्रदेश के होमगार्ड वाले ताली बजाते हैं। करमगति टारे नाहीं टरी हींग लगाओ चाहे फिटकरी। राजनीतिक लोग अवश्य इन दिनों नेपथ्य में कुंठितावस्था में हैं। दामिनी का दमन चर्चा में है। दिल्ली की किल्ली हिलायमान है। मीडिया अंगारे सुलगाने और भड़काने में लगा है। बाजार नए साल की तैयारी में जुटे हैं। पुलिस वाया शासन लुटिया डुबोने को तैनात है। वाह वाह क्या बात है। तिरछी नजर है, पतली कमर है। हर एक गठरी पे चोरों की नजर है। अन्ना और केजरीवाल, दोनों केजुअल लीव पर हैं।

इधर सर्दी के हाल यह है कि जिनके दांत नहीं हैं, उनके मसूढ़े किटकिटा रहे हैं। पूरी कोई जांच नहीं है और सरकारी अलावों में आंच नहीं है। सरकार के हाल यह हैं कि वह पुदीने के पेड़ से छुआरे तोड़ने में लगी है। मतदाता के हिस्से की मूंगफलियों में दाने नहीं हैं। आश्वासनों मे गुड़ पर चींटें चिपके हैं। सन 2013 जाए भाड़ में, जिसे देखो सन 2014 की रट लगाए है। सपनों के न जाने कितने भ्रूण विकसित हो रहे हैं। होगा तो खैर सिजेरियन ही। देखा जाएगा। अभी तो राष्ट्रपुत्र और राष्ट्रपति पुत्र का फर्क समझिए। मैंने ताऊ से कहा, नया साल मुबारक ताऊ। वह उदास होकर बोले, लग गया क्या? मैंने कहा बस दो दिन बचे हैं।

आपको नए साल से क्या उम्मीदें हैं। वह बोले, सरऊ , यहां तो अभी तो पिछले साल वाली ही पूरी नहीं हुईं। मैंने संग बदला। पूछा, ताऊ , आप तो हर साल एक संकल्प लेते हो, क्यों? वह बोले, कोई दूसरा विकल्प भी तो नहीं है। मैंने कहा पिछले साल आपने क्या छोड़ा था? वह-दारू-शराब छोड़ी थी। मैं- उससे पहले? वह- जर्दा-पान-तंबाकू। मैं- उससे पहले? वह- भांग और अफीम। मैं- उससे भी पहले? वह- जुआ लाटरी छोड़ी थी। मैंने पूछा- इस साल क्या छोड़ने का इरादा है ताऊ? वह बोले- अब क्या। अब तो बस प्राण ही छोड़ने बाकी रह गए हैं बेटा। मैं कोर्ट के आगे सरकार की तरह चुप हो गया।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Jharkhand Board Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड