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छात्रों को एमबीए में दाखिला देकर लाखों की ठगी

First Published:25-12-2012 11:31:25 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नई दिल्ली अमित झा

प्रशांत विहार स्थित एक इंस्टीट्यूट ने एमबीए में दाखिला देते समय छात्रों को बताया गया कि रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनविर्सिटी से वह जुड़े हुए हैं। काफी संख्या में छात्रों ने दाखिला ले लिया, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि इंस्टीट्यूट मान्यता प्राप्त नहीं है। उन्होंने जब अधिकारियों से अपनी फीस लौटाने को कहा तो उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। आखिरकार छात्रों ने मामले की शिकायत प्रशांत वहिार पुलिस से की। पुलिस ने इस संबंध में छात्रों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।

पीड़ित छात्र प्रवीण गुप्ता ने बताया कि उसने वेबसाइट पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट साइंसेस (आईआईएमएस) के बारे में देखा था इसलिए वह प्रशांत वहिार में इंस्टीट्यूट के निदेशक विनोद ठाकुर से जाकर मिला। प्रवीण को वहां बताया गया कि इंस्टीट्यूट महर्षि दयानंद यूनविर्सटिी से जुड़ा है और ऑल इंडिया काउंसिल फोर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) से मान्यता प्राप्त है। एमबीए कोर्स में दाखिला लेने के लिए प्रवीण ने लगभग 80 हजार रुपये फीस जमा करा दी। इंस्टीट्यूट की तरफ से उसे ऐसी कोई सुविधा नहीं मिली, जो दाखिला लेते समय बताई गई थीं।

शक होने पर उसने अपने कुछ दोस्तों के साथ छानबीन शुरू की। छात्र जब रोहतक स्थित महर्षि दयानंद यूनविर्सटिी गया तो पता चला कि आईआईएमएस उनके साथ नहीं जुड़ी हुई है। इतना ही नहीं एआईसीटीई से भी संस्थान को मान्यता प्राप्त नहीं है। यह जानकारी उसने अपने कुछ दोस्तों को भी दी। उन्होंने जब इंस्टीट्यूट के अधिकारियों से अपनी फीस वापस मांगी तो उन्हें जल्द रुपये लौटाने का आश्वासन दिया गया। कई बार मांगने पर भी जब फीस नहीं मिली तो प्रवीण ने मामले की शिकायत प्रशांत वहिार पुलिस से की।

प्रवीण ने पुलिस को बताया कि उससे अलावा दर्जन भर अन्य छात्रों को भी इस तरह से ठगा गया है। छात्रों का आरोप है कि इंस्टीट्यूट से जुड़े लोगों ने न केवल उनसे लाखों रुपये ठगे, बल्कि उनका एक साल भी खराब कर दिया।

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