Image Loading
शनिवार, 01 अक्टूबर, 2016 | 00:06 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पेट्रोल प्रति लीटर 28 पैसे हुआ महंगा, डीजल 6 पैसे हुआ सस्ता
  • श्रीलंका ने भी किया सार्क सम्मेलन का बहिष्कार, इस्लामाबाद में होना था सार्क...
  • पाकिस्तानी कलाकारों पर बोले सलमान, कलाकार आतंकवादी नहीं होते
  • सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने किया सरेंडरः टीवी...
  • शहाबुद्दीन फिर जाएगा जेल, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द की
  • शराबबंदी पर पटना हाई कोर्ट ने नोटिफिकेशन रद्द कर संशोधन को गैरसंवैधानिक कहा
  • KOLKATA TEST: पहले दिन लंच तक टीम इंडिया का स्कोर 57/3, पुजारा-रहाणे क्रीज पर मौजूद
  • INDOSAN कार्यक्रम में पीएम मोदी ने NCC को स्वच्छता अवॉर्ड से सम्मानित किया
  • कोलकाता टेस्ट से पहले कीवी टीम को बड़ा झटका, इसके अलावा पढ़ें क्रिकेट और अन्य...
  • भविष्यफल: मेष राशि वालों के लिए आज है मांगलिक योग। आपकी राशि क्या कहती है जानने...
  • कल से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, आज ही कर लें ये तैयारियां
  • PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन में 38 आतंकी ढेर, पाक का 1 भारतीय सैनिक को पकड़ने का...

खबरदार.., अब भूखा नहीं रहने दिया जाएगा

के पी सक्सेना First Published:25-12-2012 08:01:48 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

गोमती के किनारे से लड़ रहे पेच की कनकइया जैसे मौलाना मोहल्ले के बसंत लाल से उलझे पड़े थे। लताड़कर बोले, ‘लाला, मुल्क में वालमार्ट आए या बवालमार्ट आए, हमें तो सौदा- सुलुफ फत्ते खान की दुकान से ही खरीदना है। विदेशी अड्डे पर से खरीदा हुआ अंडा न जाने किस जानवर का हो? हम तो उसूल वाले लोग हैं। यह थोड़ा ही कि बाहर-बाहर विरोध में चिल्लाए जा रहे हैं.., और अंदर ही अंदर सपोर्ट भी कर दिया, चुपके से। सरकार ने सब्सिडी के गैस सिलेंडर (वोट के लालच में) छह से नौ कर दिए। जब पड़ी फटकार चुनाव आयोग की, तो फिर जाकर वही छह हो गए। अब भई बाकी सब तो अंदर की बात है। ऐसी कबाड़ राजनीति हमारे अब्बा के वालिद के फादर तक ने न देखी।’

मुंह में पान कुलकुलाकर मौलाना आगे बोले,‘जाड़ा पीक पर जा रहा है। न्यूजें भी कोहरे जैसी चारों तरफ छा रही हैं। छपा हैगा कि ‘ताकि कोई परिवार भूखा न रहे।’ नहीं समझे? अरे भई, अपनी नेता सोनिया गांधीजी ने फरमाया है कि जल्द ही संसद में ऐसा विधेयक लाया जाएगा कि देश का कोई परिवार भूखा न रहे। यानी जब तक विधेयक नहीं आता और पारित नहीं हो लेता, सिर्फ तब तक के लिए परिवारों को भूखे रहने की छूट है। विधेयक के पारित हो चुकने और कानून बनने के बाद अगर कोई परिवार भूखा रहता है, तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलेगी और शायद जबर्दस्ती खाना खिलाया जाएगा। भाई मियां, जब-जब चुनाव नजदीक आया, अगलों ने कील ठोक दी कि हम किसी भी परिवार को भूखा नहीं मरने देंगे। ..चुनाव के बाद मर लो चाहे।’

बिना सुपारी-तंबाकू का एक पान मुङो थमाकर वह बोले, ‘गरीब की भूख से खेलना इसे ही कहते हैं, जनाब। आजादी से लेकर आज तक कितने ही बेसहारा परिवार भूखों मर लिए और गद्दीनशीन लोग गाल बजाते रह गए। एक बार करीब से देख तो लिया होता कि भूख क्या होती है और निर्धन परिवार क्यों भूखे रहते हैं। पर जिसे सिर्फ सत्ता की भूख है मियां, वह रोटी न मिलने का दर्द नहीं समझ सकता, और न भूखे लोगों की पीड़ा। बस विधेयक लाओ और संसद में चिहाड़ मचाओ। दैट्स ऑल ऐंड..जय हिंद।’

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड