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सामूहिक दुष्कर्म: 3 जनवरी से होगा ट्रायल!

First Published:24-12-2012 11:26:30 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नई दिल्ली। चलती बस में 23 वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट से चलती बस में दुष्कर्म करने वाले आरोपियों जल्द-जल्द सजा सुनशि्चित कर देश में फैले जनाक्रोश को शांत करने के लिए गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिले। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. मुरुगेसन से मुलाकात जल्स से जल्द मुकदमे की सुनवाई कर आरोपियों को कड़ी सजा देने का अनुरोध किया। अकबर रोड स्थित मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मुरुगेसन के आवास पर हुई इस मुलाकात के दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी मौजूद थी।

सूत्रों के अनुसार तीनों के बीच हुई मुलाकात में इस बात पर चर्चा हुई की कैसे आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी। गृहमंत्री ने चीफ जस्टिस को इस बात का भरोसा दिया कि दिल्ली पुलिस 2 जनवरी से पहले-पहले मामले में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर देगी। बैठक में तय किया गया कि इस मुकदमें की सुनवाई 3 जनवरी से शुरू कर कम से कम समय में आरोपियों को कानून के तहत अधिकतम सजा सुनशि्चित की जाए।

मामले की सुनवाई दिन-प्रतिदिन कराने की भी बात हुई। हालांकि हाईकोर्ट पहले ही दिल्ली के सभी जिला अदालतों में विचाराधीन यौन अपराध के मुकदमें की सुनवाई फास्ट ट्रेक कोर्ट में किए जाने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने पांच फास्ट ट्रेक अदालत के गठन को भी मंजूरी दे दी है।

दिल्ली के 6 जिला अदालतों में दुष्कर्म के 963 मामले विचाराधीनइस घटना की जांच की नगिरानी भी हाईकोर्ट कर रहा। हाईकोर्ट की मंजूरी के बाद ही पुलिस अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी।

आरोप पत्र देखकर हाईकोर्ट अश्वस्त होना चाहता है कि इसमें कोई तकनीकी चूक न हो ताकि आरोपी को मिले कड़ी सजा।

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