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बाकी दोनों आरोपी भी आए गिरफ्त में

First Published:21-12-2012 11:45:13 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

वसंत विहार दुष्कर्म कांड में फरार दोनों आरोपियों को पुलिस ने पकड़ लिया है। इसमें से एक ने खुद को नाबालिग बताया है। ऐसे में पुलिस ने उसके बारे में ज्यादा जानकारी देने से मना कर दिया है। दूसरा बालिग है और उसका नाम अक्षय ठाकुर है ,जो बस पर बतौर हेल्पर सवार था।

डीसीपी साउथ छाया शर्मा ने दोनों गिरफ्तारियों की पुष्टि की है। नाबालिग आरोपी यूपी के बदांयू का रहने वाला है, जबकि दूसरा बिहार के औरंगाबाद का निवासी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार की रात को एक आरोपी को आनंद विहार रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद उसने खुद को नाबालिग बताया।

बयान में उसने अपनी उम्र करीब 17 साल बताई है। पुलिस उसकी उम्र की जांच के लिए जरूरी कार्रवाई कर रही है। दूसरे आरोपी अक्षय ठाकुर को उसके पैतृक स्थान औरंगाबाद से ही गिरफ्तार किया गया। दो दिन पहले ही पुलिस वहां पहुंच गई थी। सूत्रों का कहना है कि दोनों लगातार अपनी लोकेशन बदलते जा रहे थे। अब सभी को एक साथ बैठाकर पूछताछ की जा सकती है।

प्राथमिक जांच में पुलिस को दोनों के खिलाफ कोई पुराने आपराधिक मामले नहीं मिले हैं लेकिन उनके पैतृक निवास की पुलिस से भी जानकारी मांगी गई है। इस मामले में चार आरोपियों राम सिंह, उसके भाई मुकेश, विनय शर्मा और पवन गुप्ता उर्फ कल्लू को पहले ही पकड़ा जा चुका है।

आरोपी भी नहीं जानते थे नाबालिग को
सामूहिक दुष्कर्म की इस वीभत्स वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी आपस में ठीक से परिचित भी नहीं थे। चार आरोपी, जो एक स्थान पर रहते थे, वे जरूर एक-दूसरे को जानते थे लेकिन नाबालिग आरोपी के बारे में उनके पास ज्यादा जानकारी नहीं थी। यहां तक की उसका असली नाम और पता भी उनके पास नहीं था।

पुलिस ने बताया कि नाबालिग आरोपी कभी-कभी राम सिंह के यहां आता था। उसने राम सिंह को अपना नाम गलत बताया था। यहां तक की अपना पता राजस्थान का बताया था, जो गलत निकला। जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसके बारे में पूरी जानकारी मिली। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आखिर इन सब की मुलाकात कैसे हुई थी और इससे पहले भी क्या वे इस तरह की मस्ती यात्रा दिल्ली की सड़कों पर कर चुके हैं। यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि सभी आरोपियों में सबसे ज्यादा शातिर यही है जिसके नेतृत्व में लूट आदि करते हुए बस में सवार आरोपी घूम रहे थे।

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