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बात-बात पर न दें बच्चे को लालच

मोनिका शर्मा First Published:20-12-2012 11:52:09 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
बात-बात पर न दें बच्चे को लालच

बच्चे की पहली गुरु मां ही होती है। स्कूल जाने से पहले वह जिंदगी की बुनियादी शिक्षा व शिष्टाचार घर पर ही सीखता है। बच्चा बुरी आदतें न सीखे, इसलिए अक्सर आप बच्चे के सामने चॉकलेट, वीडियो गेम, पैसे, खिलौने जैसी शर्तें रखती हैं। आपको लगता है कि आपका बच्चा इन शर्तों से अच्छी आदतें सीख जाएगा, लेकिन आपने कभी सोचा है कि क्या वाकई इस प्रक्रिया से वह अच्छी आदतें सीख रहा है? कहीं इसका उसके व्यक्ति पर बुरा असर तो नहीं पड़ा रहा? ऐसा तो नहीं कि वह इसी प्रक्रिया को सिस्टम का हिस्सा समझ रहा हो? कहीं ऐसा तो नहीं कि आपका बच्चा एक ब्लैकमेलर बन रहा हो? इससे बचने के लिए साइकोलॉजिस्ट डॉ. अशुम गुप्ता ने बताए मोनिका शर्मा को कुछ महत्वपूर्ण टिप्स-

जब बच्चा नहीं खाता सब्जी
इसकी बजाय बच्चे के साथ खाना खाने के लिए बैठें और वह सब्जी खाएं, जो वह नहीं खाता। साथ ही उसे यह एहसास कराएं कि यह सब्जी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत अच्छी है, जिससे वह मजबूत बनेगा और उसका दिमाग भी तेज होगा। याद रखें, आपका बच्चा वह अपनाता है, जो आपको करता हुआ देखता है।

लालच नहीं, इनाम दें
हर बात या काम पर बच्चे को कुछ देने का वादा करना अच्छा नहीं है। इससे वह हर काम सिर्फ लालच के लिए ही करेगा। कभी-कभी कुछ अच्छा काम करने के लिए उसे घुमाने ले जाना, खिलौने देना, नए कपड़े लाना गलत नहीं है। बच्चों को पुरस्कार देना गलत नहीं है, इससे बच्चे को प्रेरणा मिलती है। इससे न केवल उसका मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उसे चीजों की अहमियत का भी पता चलेगा। लेकिन ज्यादा महंगी चीजों की आदत न डालें, वरना बच्चे हर बार नयी मांग करते हैं, जो चिंता का विषय है।

होमवर्क करने में देरी
बच्चा होमवर्क करने के नाम पर बार-बार टाल-मटोल करता है और शर्त रखने पर ही होमवर्क करने के लिए जाता है तो यह चिंता की बात है। उसे होमवर्क क्यों करना चाहिए, यह समझाएं। लुभाने के तौर पर उसे बताएं कि वह अपना होमवर्क अच्छी तरह से करता है और अगर वह इसी तरह अपना होमवर्क समय पर करेगा तो क्लास में उसके लिए तालियां बजेंगी और उसे अध्यापक कॉपी पर स्टार देंगी आदि। इससे बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

समय पर सोता नहीं बच्चा
अक्सर बच्चे समय से नहीं सोते और धीरे-धीरे उन्हें देर से सोने की आदत हो जाती है। अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा समय से सोए तो आप भी अपने सोने का सही समय अपनाएं। आप समय से सोएंगी तो बच्चा भी समय से सोएगा। यह न भूलें कि जैसा माहौल आप उसे देंगी, वह वैसे ही माहौल का आदी हो जाएगा। इसके लिए आपको चाहिए कि आप वही करें, जो आप बच्चे से अपेक्षा रखती हैं, अन्यथा बच्चा अपने मन की करेगा।

स्कूल जाने में आनाकानी
अम्यूजमेंट पार्क ले जाने का लालच देकर आपको बच्चे को स्कूल भेजना पड़ता है, क्योंकि वह स्कूल जाने के नाम से या जाते वक्त रोता है तो ऐसा करने की बजाय उसे स्कूल जाने के फायदे बताएं। उसे बताएं कि स्कूल में उसके जैसे बहुत से बच्चे आएंगे, जो उसके दोस्त बनेंगे। यदि बच्चे की किसी काम में दिलचस्पी है तो उसे बताएं कि वह भी उसे स्कूल में ही सिखाया जाएगा। साथ ही और भी बहुत-सी बातें जैसे ड्रॉइंग बनाना, गेम्स खेलना आदि भी स्कूल में ही सिखाई जाएंगी।

रुटीन उल्टा-पुल्टा
बच्चे की दिनचर्या ठीक रहे, इसके लिए परिवार का रुटीन दुरुस्त होना जरूरी है। आपको बच्चे की मां ही नहीं, उसकी दोस्त और रोल मॉडल भी बनना होगा। बच्चे में बदलाव लाने के लिए खुद में बदलाव लाएं। बच्चा, जो आपको करते देखता है, उसे वही सही लगता है। आप ही वह पहली व्यक्ति हैं, जिसके साथ वह सबसे ज्यादा समय बिताता है। इसलिए आप जिस व्यवहार और व्यक्तित्व की चाह अपने होनहार में देखना चाहती हैं, कुछ वैसा ही बन कर खुद को उसके सामने प्रस्तुत करना होगा।

 
 
 
 
 
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