Image Loading मुख्यमंत्री के बयान का भाजपा ने किया विरोध - LiveHindustan.com
गुरुवार, 05 मई, 2016 | 19:47 | IST
 |  Image Loading
ब्रेकिंग
  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के छठे और अंतिम चरण में 84.24 प्रतिशत मतदान: निर्वाचन...
  • यूपी बोर्ड का हाईस्कूल व इंटरमीडिएट रिजल्ट 15 मई को आएगा।
  • अन्नाद्रमुक ने स्कूटर मोपेड खरीदने के लिए महिलाओं को 50 प्रतिशत सब्सिडी देने,...
  • अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अपने घोषणापत्र में सब के लिए 100...
  • तमिलनाडुः अन्नाद्रमुक ने सभी राशन कार्ड धारकों को मुफ्त मोबाइल फोन देने का...
  • मध्यप्रदेश: सिंहस्थ कुंभ में तेज बारिश और आंधी से गिरे पांडाल, 4 की मौत
  • अगस्ता वेस्टलैंड मामला: पूर्व वायुसेना प्रमुख एसपी त्यागी के तीनों करीबी...
  • सेंसेक्स 160.48 अंक की बढ़त के साथ 25,262.21 और निफ्टी 28.95 अंक चढ़कर 7,735.50 पर बंद
  • वाईस एडमिरल सुनील लांबा होंगे नौसेना के अगले प्रमुख, 31 मई को संभालेंगे पद
  • यूपी सरकार ने केंद्र सरकार से बुंदेलखंड के लिए पानी के टैंकर मांगें-टीवी...
  • स्टिंग ऑपरेशन: हरीश रावत को सीबीआई ने सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया: टीवी...
  • नोएडा: स्कूल बसों और ऑटो की टक्कर में इंजीनियर लड़की समेत 2 की मौत। क्लिक करें

मुख्यमंत्री के बयान का भाजपा ने किया विरोध

First Published:16-12-2012 11:34:32 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नई दिल्ली। वरिष्ठ संवाददाता

मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के उस बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जाहिर की है जिसमें कथित पर 600 रुपये में प्रति महीने पांच सदस्यों वाले परिवार को दाल और चावल जैसी बुनियादी आवश्यकताएं पूरी होने की बात की गई है। भाजपा नेता विजय गोयल ने अन्नश्री योजना शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री दीक्षित को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनको आटे-दाल का भाव नहीं मालूम। वहीं मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनके बयानों को संदर्भ से परे रखकर पेश किया गया है।

भाजपा नेता गोयल ने कहा कि दीक्षित कभी क्षुग्गियों, अवैध कालोनियों और गांव में नहीं गईं। इसलिए महिला होने के बावजूद उन्हें आटा और दाल का कुछ भी पता नहीं है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेसी सरकार चुनाव से पहले मतदाताओं को लुभाने के लिए इस योजना की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री दीक्षित का यह दावा है कि पांच सदस्यों वाले परिवार को चलाने के लिए 600 रुपये पर्याप्त हैं। इसका मतलब यह है कि एक व्यक्ति के लिए चार रुपये प्रतिदिन।

गोयल ने कहा कि इससे पहले योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने भी कहा था कि ग्रामीण क्षेत्र में 27 और शहरी क्षेत्रों में 32 रुपये प्रतिदिन किसी परिवार का खर्च चलाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने सरकार की नकदी स्थांतरण योजना के लिए लोगों की पहचान किए जाने की योग्यता पर सवाल खड़े किए और कहा कि यह सिर्फ चुनाव में मतदाताओं को लुभाने का हथकंडा है।

आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं।
 
 
 
 
 
 
 
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
क्रिकेट