Image Loading
शुक्रवार, 30 सितम्बर, 2016 | 22:22 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पेट्रोल प्रति लीटर 28 पैसे हुआ महंगा, डीजल 6 पैसे हुआ सस्ता
  • श्रीलंका ने भी किया सार्क सम्मेलन का बहिष्कार, इस्लामाबाद में होना था सार्क...
  • पाकिस्तानी कलाकारों पर बोले सलमान, कलाकार आतंकवादी नहीं होते
  • सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने किया सरेंडरः टीवी...
  • शहाबुद्दीन फिर जाएगा जेल, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द की
  • शराबबंदी पर पटना हाई कोर्ट ने नोटिफिकेशन रद्द कर संशोधन को गैरसंवैधानिक कहा
  • KOLKATA TEST: पहले दिन लंच तक टीम इंडिया का स्कोर 57/3, पुजारा-रहाणे क्रीज पर मौजूद
  • INDOSAN कार्यक्रम में पीएम मोदी ने NCC को स्वच्छता अवॉर्ड से सम्मानित किया
  • कोलकाता टेस्ट से पहले कीवी टीम को बड़ा झटका, इसके अलावा पढ़ें क्रिकेट और अन्य...
  • भविष्यफल: मेष राशि वालों के लिए आज है मांगलिक योग। आपकी राशि क्या कहती है जानने...
  • कल से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, आज ही कर लें ये तैयारियां
  • PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन में 38 आतंकी ढेर, पाक का 1 भारतीय सैनिक को पकड़ने का...

हवलदार की हत्या में शामिल था नीतू डाबोदा

First Published:15-12-2012 10:20:29 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नई दिल्ली वरिष्ठ संवाददाता

कंझावला में हुई हवलदार रामकशिन की हत्या में नीतू डाबोदा व उसके साथी शामिल थे। यह खुलासा उसके एक शार्प शूटर ने अपराध शाखा के सामने किया है। पुलिस ने इस शार्प शूटर को बवाना से एक युवक को अगवा कर उसकी हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी 24 वर्षीय संदीप उर्फ विक्की के पास से पुलिस ने एक पिस्तौल, दो मैगजीन और .32 बोर की 10 गोलियां बरामद की हैं। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त एस.बी.एस त्यागी के अनुसार कंझावला गांव निवासी गैंगस्टर अजय कुमार को अगवा कर उसकी हत्या कर दी गई थी।

मामले की जांच के दौरान अपराध शाखा को पता चला कि वारदात को नीदू डाबोदा गैंग ने अंजाम दिया है। इस बीच एक गुप्त सूचना पर एसीपी होशियार सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर नरेश चंद्र व एसआई अरुण देव नेहरा की टीम ने इस गिरोह के सदस्य संदीप उर्फ विक्की को कंझावला से गिरफ्तार कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि 16 नवम्बर को नीतू व प्रदीप के साथ मिलकर उसने नीरज बवाना गैंग के सदस्य अजय की हत्या की थी।

अजय उनकी बजाय नीरज बवाना गिरोह के लिए काम करता था। इसके अलावा उनके साथी पारस से भी अजय ने कहासुनी की थी। साजशि के तहत नीतू व प्रदीप अजय को अगवा कर अपने साथ तातेसर गांव के खेत में ले गए, जहां संदीप पहले से मौजूद था। आरोपियों ने उसे आठ से दस गोलियां मारी, जिससे उसकी मौत हो गई। उसके शव को करनाल ले जाकर नीतू व प्रदीप ने जला दिया था। संदीप ने पुलिस को हवलदार रामकशिन की हत्या का घटनाक्रम भी बताया।

उसने बताया कि 25 नवम्बर की रात नीतू, पारस, आलोक व काला उसके घर सफेद रंग की वर्ना कार से आए थे। उसके खेतों में आरोपियों ने जमकर शराब पी। नीतू के कहने पर उसने दो देशी पिस्तौल उन्हें दी थी। इनके अलावा नीतू के पास पहले से एक पिस्तौल थी। देर रात चारों हरियाणा जाने के लिए निकले थे। सुबह उसे पता चला कि जौंति बार्डर पर सफेद कार में सवार बदमाशों ने हवलदार की हत्या कर दी। वारदात के दो दिन बाद उसने नीतू से जब पूछा तो उसने पारस के साथ मिलकर हवलदार को मारने की जानकारी उसे दी थी।

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड