Image Loading
गुरुवार, 23 फरवरी, 2017 | 19:32 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • BMC चुनाव: बीजेपी ने लॉटरी से जीती एक सीट, अब शिवसेना 84 और बीजेपी 82 पर
  • मुंबई: BMC चुनाव में किसी पार्टी को बहुमत नहीं, शिवसेना-84, बीजेपी-81, कांग्रेस-31,...
  • उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के चौथे चरण की वोटिंग खत्म, 4 बजे तक 55 फीसदी हुआ मतदान
  • Pune Test में पहले दिन छाए भारतीय गेंदबाज, ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 256/9
  • #IndiavsAustralia #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को नौंवा झटका, नाथन ल्योन आउट। लाइव स्कोर कार्ड के लिए...
  • #IndiavsAustralia #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को आठवां झटका, स्टीव ओकीफ आउट। लाइव स्कोर कार्ड के लिए...
  • #IndiavsAustralia #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को सातवां झटका, मैट रेनशॉ आउट। लाइव स्कोर कार्ड के लिए...
  • #IndiavsAustralia #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को छठा झटका, मैथ्यू वेड आउट। लाइव स्कोर कार्ड के लिए...
  • गुरुग्राम में प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस में फायरिंग। तीन युवकों को गोली मारी, एक...
  • बहराइच रैलीः अखिलेश गधे से डरने लगे हैं, मैं गधे से प्ररेणा लेता हूं, गधे से...
  • #IndiavsAustralia #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को चौथा झटका, स्मिथ आउट, स्कोर 149/4
  • बहराइच रैलीः आधा चुनाव हो गया लेकिन जनता को हिसाब नहीं दे रही अखिलेश सरकार- पीएम...
  • #IndiavsAustralia #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को तीसरा झटका, हैंड्सकॉम्ब आउट, स्कोर 149/3
  • बीएमसी चुनाव में हार के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संजय निरूपम ने हार की...
  • #PuneTest ऑस्ट्रेलिया को दूसरा झटका, मार्श आउट, स्कोर 119/2
  • यूपी चुनावः चौथे चरण में 53 सीटों के लिए मतदान जारी, सुबह 11 बजे तक 23.78% वोटिंग
  • यूपी चुनावः प्रतापगढ़ में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रमोद...
  • शोपियां में आतंकी हमला, सेना के 3 जवान शहीद, 1 महिला की भी मौत। पूरी खबर पढ़ने के...

पांडेजी वेरी बिजी

सुधीश पचौरी, हिंदी साहित्यकार First Published:15-12-2012 10:10:10 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

‘हलो- मैं टनकपुर से रंजीत बोल रहा हूं। पांडेजी से बात हो सकती है?’
‘वह तो लखनऊ में ‘साहित्य-क्रीड़ा’ करने गए हैं।’
‘तो क्या कल बात हो सकती है?’
‘लेकिन कल तो कानपुर में सहज पत्रिका का लोकार्पण करने वाले हैं।’
‘अच्छा परसों हो सकती है?’
‘परसों तो उन्हें झुमरी तलैया में ‘साहित्य की रक्षा’ गोष्ठी में जाना है।’
‘अच्छा यह बताइए, पांडेजी दिल्ली कब तक लौटेंगे?’
‘साहित्य का सीजन है। सब लोग इधर-उधर साहित्य करते फिर रहे हैं। ऐसे में पांडेजी घर में कैसे बैठे रह सकते हैं? उन्हें जगह-जगह साहित्य की देखभाल करनी होती है।’
‘आखिर कोई दिन तो होगा, जब वह दिल्ली में होंगे?’
‘बोला न! ही इज वेरी बिजी’
‘अगले महीने तो मिल जाएंगे?’
‘पांडेजी बारहों महीने बिजी रहते हैं। साहित्य का सीजन बारहों महीने रहता है। अगले महीने ‘महिला साहित्य में पुरुष क्यों घुसे जा रहे हैं’ विषय पर तीन दिन का वर्कशॉप है, उसमें रहेंगे। फिर देहरादून में पहाड़ और साहित्य पर केंद्रित पांच दिन का ‘पर्वत प्रसंग’ है। उसके बाद सूरत में ‘तिल, तिलक और तलवार’ पर सेमिनार है। फिर पटने में ‘कविता में कुछ-कुछ होता रहता है’ जैसे नए विषय का बीज-वपन करना है। फिर वह तीन दिन जालंधर रहेंगे और पांच दिन पटियाले में रहेंगे। उसके आगे उन्हें अंडमानी साहित्य रत्न देने जाना है।’
‘मैडम, अब आप ही उद्धार कर सकती हैं। हमारे बाबूजी कहते हैं कि जब तक पांडेजी नहीं आएंगे, तब तक टनकपुर में साहित्य नहीं होगा। दो दिन की तो बात है।’
‘अच्छा आप पांडेजी का मोबाइल नंबर नोट कर लें-सीधी बात कर लें।’
‘थाना में करते हैं ड्यूटी, बजाएं हाय पांडे जी सीटी! आदत पड़ी है नासपीटी, बजाएं हाय पांडे जी सीटी..।’ दबंग-टू के इस सुपरहिट गाने की टोन सुनाई पड़ती है: ‘पांडेजी बोल रहे हैं?’
‘बोल रहा हूं।’
‘मैं टनकपुर से रंजीत कपिल बोल रहा हूं। एक साहित्य समारोह करना है। समारोह में चुंगी के चेयरमैन, कलक्टर, नगर सेठ मटरूमल और मुन्ना भैया भी रहेंगे। ये सब आपका लिखा पढ़कर आपके विचारों की ओर मुड़े हैं। आपको पढ़कर मैं बड़ा हुआ हूं। आपकी तीन पुस्तकें न केवल पढ़ी हैं, बल्कि शहर में सबको पढ़ाई हैं। प्रेस-टीवी वाले रहेंगे, आप ‘इनोवा’ से आएं, किराए के अलावा पांच हजार नकद देंगे, बाकी दो गरम शॉल होंगी। एक इंपोर्टेड सूट लेंग्थ भी बजट में है। तिलक में चांदी का एक सिक्का भी मिलेगा। आप हां करें। सबसे महंगे होटल में ठहराया जाएगा। बस एक रात की बात है।’
‘अगर इन दिनों मैं आपके टनकपुर आया, तो मुझे तो 15 हजार का चूना लग जाएगा। उसे कौन भरेगा?’
‘सर आप आइए तो सही। 20-25 हजार तक कर देंगे। इधर पैसे की कमी नहीं है।’
उसके बाद पांडेजी की अध्यक्षता में टनकपुर में तयशुदा दिन साहित्य हुआ। समारोह की खुशबू दूर-दूर तक फैली। टनकपुर कस्बा साहित्य में छा गया! देखा पांडेजी का पव्वा!

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
Jharkhand Board Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड