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सितार से चमकाए संगीत के सितारे

पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज (शास्त्रीय नर्तक व कथक गुरु) First Published:12-12-2012 11:38:20 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

सुबह टीवी पर खबर देखी, तो एक बार यकीन ही नहीं हुआ। हम बार-बार आंखें मलकर देखने लगे। मगर, खबर सच थी। पंडित रविशंकर अब हमारे बीच में नहीं हैं, मगर उनकी कला हमेशा जिंदा रहेगी। वह एक महान सितारवादक होने के साथ-साथ संगीत के ऐसे गुरु थे, जो एक इशारे में ही बहुत कुछ समझा देते थे।

पंडित रविशंकर मेरे चाचा पंडित शंभू महाराज व पंडित लाचू महाराज के मित्र थे। इस नाते भी मुङो उनका आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा। मुङो उनके साथ स्टेज शो का मौका तो नहीं मिला, मगर उनके घर पर सितार के साथ तबला जरूर बजाया। वह बहुत खुश हुआ करते थे और कुछ समझाना होता, तो एक संकेत से ही समझा दिया करते थे। उन्होंने भारतीय संगीत को विदेशों में एक खास पहचान दी। सितारवादन को तो उस ऊंचाई तक पहुंचाया, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था। अमेरिका में उनकी कला का ऐसा जादू चला कि सितार वहीं बनने व रिपेयर होने लगे हैं। उन्होंने देसी व विदेशी साजों को समझा, पढ़ा और जाना। वे सभी गुर उनके सितार वादन में मिलते हैं। ईश्वर को ऐसी बड़ी हस्तियों को और लंबा जीवन देना चाहिए।
प्रस्तुति- सुनीता तिवारी

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