Image Loading
शुक्रवार, 30 सितम्बर, 2016 | 20:40 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • श्रीलंका ने भी किया सार्क सम्मेलन का बहिष्कार, इस्लामाबाद में होना था सार्क...
  • पाकिस्तानी कलाकारों पर बोले सलमान, कलाकार आतंकवादी नहीं होते
  • सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद शहाबुद्दीन ने किया सरेंडरः टीवी...
  • शहाबुद्दीन फिर जाएगा जेल, सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द की
  • शराबबंदी पर पटना हाई कोर्ट ने नोटिफिकेशन रद्द कर संशोधन को गैरसंवैधानिक कहा
  • KOLKATA TEST: पहले दिन लंच तक टीम इंडिया का स्कोर 57/3, पुजारा-रहाणे क्रीज पर मौजूद
  • INDOSAN कार्यक्रम में पीएम मोदी ने NCC को स्वच्छता अवॉर्ड से सम्मानित किया
  • कोलकाता टेस्ट से पहले कीवी टीम को बड़ा झटका, इसके अलावा पढ़ें क्रिकेट और अन्य...
  • भविष्यफल: मेष राशि वालों के लिए आज है मांगलिक योग। आपकी राशि क्या कहती है जानने...
  • कल से शुरू हो रहे हैं नवरात्रि, आज ही कर लें ये तैयारियां
  • PoK में भारतीय सेना के ऑपरेशन में 38 आतंकी ढेर, पाक का 1 भारतीय सैनिक को पकड़ने का...

हारने से इनकार

प्रवीण कुमार First Published:12-12-2012 10:11:50 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

‘मेरे साथ ऐसा नहीं हो सकता’, उन्हें डॉक्टर के शब्दों पर विश्वास नहीं हो रहा था। लेकिन यह सच था, इसलिए स्वीकार करना पड़ा। समस्या दरअसल सच की नहीं, इसका सामना करने की थी। स्वास्थ्य को लेकर कोई मेडिकल रिपोर्ट आपको चौंका दे, ऐसा हो सकता है। अभिनेत्री मनीषा कोइराला भी स्तब्ध रह गईं, जब पता चला कि उन्हें कैंसर है। लेकिन इतने भर से यह मान लेना कि जिंदगी खत्म हो गई, बुजदिली ही है। हारने से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि यह जिंदगी का हिस्सा है। दरअसल, जिंदगी आश्चर्यो से भरी है। यह हमें कभी न कभी जरूर चौंकाती है। मशहूर क्रिकेटर इमरान खान भी तब चौंक गए, जब उन्हें अपनी मां को कैंसर होने का पता चला। लेकिन वह घबराए नहीं। उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। बाद में उन्होंने बताया कि अल्लाह पर यकीन ने सारे डर खत्म कर दिए। इस तरह का भरोसा आपको हर दुख, संत्रस, चिंता से उबरने में मदद करता है। इस मामले में विकी फोस्टर भी हमारे लिए आदर्श हो सकती हैं। विकी फोस्टर को सात साल की उम्र में कैंसर हो गया था, लेकिन उन्होंने इस पर जीत हासिल की। आज विकी 25 साल की हैं। उन्होंने बायो-मेडिकल साइंस में पीएचडी की है और वह कैंसर के खात्मे से जुड़ी रिसर्च में जुटी हैं। उन्होंने पीएचडी की डिग्री हासिल करते ही कहा, ‘प्यारे कैंसर, मैंने तुम्हें सात साल की उम्र में ही हरा दिया था और आज मैंने कैंसर रिसर्च में अपनी पीएचडी की है, अब क्या कहते हो?’ दरअसल, मन से हारना ही मौत की पहली निशानी है। सच यही है कि जिंदगी एक बॉक्सिंग गेम की तरह है, जहां हार का ऐलान आपके गिरने पर नहीं होता, वह तो आपके वापस उठने से इनकार करने पर होता है। गौर करने पर हम पाते हैं कि दुनिया के लगभग सभी महान लोग इस तरह के बॉक्सिंग खेल के उस्ताद रहे हैं। इस बारे में आप क्या सोचते हैं?

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड