Image Loading
गुरुवार, 23 मार्च, 2017 | 09:45 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • टॉप 10 न्यूज: लंदन हमले समेत पढ़ें 9 बजे तक देश-दुनिया की बड़ी खबरें
  • हेल्थ टिप्स- घी से बेहतर है बटर, झुर्रियों को करता है दूर
  • हिन्दुस्तान ओपिनियन: पढ़ें, आज के हिन्दुस्तान में इलाहाबाद हाईकोर्ट पूर्व...
  • मौसम दिनभर: दिल्ली-NCR, रांची, देहरादून और पटना में धूप निकलेगी, लखनऊ में हल्की धुंध...
  • ईपेपर हिन्दुस्तानः आज का हिन्दुस्तान अखबार पढ़ने के लिए क्लिक करें
  • आपका राशिफल: मेष राशिवालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी लेकिन आत्मसंयत रहें।...
  • सक्सेस मंत्र: 'थैंक यू पिताजी यह समझाने के लिए कि हम कितने गरीब हैं'
  • टॉप 10 न्यूज : देश-दुनिया की 10 बड़ी खबरें एक नजर में

फिर थमेगा नोएडा का विकास

First Published:11-12-2012 12:53:28 AMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

नोएडा। वरिष्ठ संवाददाता। चेयरमैन राकेश बहादुर व सीईओ संजीव सरन के स्थानांतरण से एक बार फिर शहर में विकास कार्यो की रफ्तार धीमी हो जाएगी। दरअसल दोनों अधिकारियों का मामला न्यायालय में होने के कारण चेयरमैन और सीईओ के कार्यकाल को लेकर अनशि्चितता बनी हुई थी। जिससे बोर्ड बैठक लगातार टलती आ रही है। नए अधिकारियों के आने तक बोर्ड बैठक फिर टलेगी।

इससे शहर के प्रमुख प्रोजेक्टों पर मुहर लगने में देरी होगी। नोएडा का इतहिास रहा है कि यहां आए हर अधिकारी ने अपने हिसाब से योजनाओं को क्रियांवित किया है। नए अधिकारियों सत्ता परविर्तन के बाद आए दोनों अधिकारियों ने बसपा शासन काल में जारी हुए सभी टेंडरों को रद्द कर दोबारा से स्टीमेट तैयार कराए थे। यही वजह थी कि दोनों अधिकारियों ने मई में दूसरा कार्यकाल शुरू किया था, मगर दोबारा से प्रस्ताव तैयार होने व टेंडर जारी होने से विकास की रफ्तार को गति देने में तीन से चार महीने का समय लग गया था।

नए अधिकारियों ने भी ऐसा किया तो शहर मेंविकास कार्यो की रफ्तार थम सकती है। नोएडा में करीब सात माह पूर्व दोबारा तैनाती पाने वाले दोनों अधिकारियों की प्राथमिकता शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करना था। अपने पिछले कार्यकाल में सेक्टर-18 के सौंदर्यीकरण के लिए तैयार की गई योजना को मूर्त रूप देने के लिए दोनों अधिकारियों ने फिर से कवायद शुरू कर दी थी। एनएच-24 पर नोएडा-गाजियाबाद के बीच अंडरपास बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

बोर्ड बैठक नहीं होने से नोएडा सिटी सेंटर से सेक्टर 62 मेट्रो तक विस्तार को बोर्ड की मंजूरी नहीं मिल पा रही है। नए अन्तरराज्यीय बस अड्डे के लिए नई जमीन और किसानों से जुड़े मसले भी बोर्ड बैठक के इंतजार में लटके हुए हैं। इसके अलावा उन सात विदेशी होटलों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है, जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्राधिकरण में अतिरिक्त रकम जमा, करा प्लॉट प्राप्त कर लिया।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड