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फिल्म रिव्यू: 10 एमएल लव

First Published:07-12-2012 07:41:51 PMLast Updated:07-12-2012 07:51:40 PM
फिल्म रिव्यू: 10 एमएल लव

रजत कपूर पिछले काफी समय से एक जैसी फिल्मों में काम कर रहे हैं। उनके साथ सौरभ शुक्ला, विनय पाठक, नेहा धूपिया आदि को मिला कर कई कलाकारों का एक मंडल है, जो सोसाइटी के कई अनछुए पहलुओं पर कम बजट की फिल्में बनाते रहते हैं। फिल्म ‘10 एमएल लव’ भी उसी श्रेणी की एक फिल्म है। लंबे समय से डिब्बे में बंद पड़ी इस फिल्म को अब जाकर रिलीज का मुहूर्त मिला है।

फिल्म की कहानी तीन जोड़ों पर केन्द्रित है। इनके बीच हलवाइयों की एक नाटक मंडली भी है। जनाब गालिब (रजत कपूर) मियां देसी दवाइयां बेचते हैं। मुंडों को जवानी की जड़ी-बूटी बेचने वाले गालिब को शक है कि उसकी बीवी रौशनी (टिस्का चोपड़ा) का किसी से चक्कर चल रहा है। दूसरा जोड़ा है श्वेता (तारा शर्मा) और पीटर (नील भूपालम) का। पीटर गैराज में मैकैनिक है और श्वेता बड़े बाप की बेटी। श्वेता की नील (पूरब कोहली) से शादी होने वाली है। मिनी (कोयल पुरी) नील की बचपन की दोस्त है और उससे शादी करना चाहती है। ये सारे किरदार मिल कर किसी तरह से श्वेता के शादी वाले घर में इकट्ठा हो जाते हैं।

दरअसल गालिब को उसकी मां ने एक पुश्तैनी दवा दी है, जिसके पी लेने पर किसी भी औरत को अपने वश में किया जा सकता है। गालिब रौशनी को यह दवा पिलाना चाहता है, लेकिन गलत हालात और गलतफहमी के चक्कर में ये दवा कुछ गलत हाथों में पड़ जाती है। उसके बाद अफरातफरी-सी मच जाती है। पहली नजर में फिल्म की कहानी ध्यान खींचती है। विभिन्न सीन्स में कॉमेडी की गुंजाइश भी बनती है, लेकिन जिन सीन्स में कॉमेडी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, वहीं से वह नदारद दिखती है।

इस फिल्म की कहानी पर केवल ऊपरी स्तर पर काम किया गया है। चित्रण अच्छा है, लेकिन प्रस्तुतिकरण नहीं। क्लाईमैक्स के सारे सीन घने जंगल में अंधेरे में शूट किए गये हैं। सिर्फ आवाज के सहारे आप किरदारों को जान सकते हैं। यहां सारा मजा किरकिरा हो जाता है। फिल्म की स्टारकास्ट में भी दिक्कत है। सस्ते बजट की यह फिल्म इस बार कामयाब होती नहीं दिखती।
कलाकार: रजत कपूर, पूरब कोहली, टिस्का चोपड़ा, तारा शर्मा, नील भूपालम, कोयल पुरी
निर्देशक, पटकथा, लेखक: शरत कटारिया
निर्माता: सुनील जोशी
बैनर: पीवीआर डायरेक्टर्स रेर, डर्ट चीप पिक्चर्स, हैंडमेड फिल्म्स प्रोडक्शन
संगीत: सागर देसाई

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