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एनर्जी बढ़ाएं, थकान भगाएं

शमीम खान First Published:05-12-2012 01:19:01 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
एनर्जी बढ़ाएं, थकान भगाएं

इस मौसम में थकान की समस्या आम है। हर पांच में से एक व्यक्ति इस तकलीफ की गिरफ्त में आ जाता है। मौसम के अनुरूप सेहत पर पर्याप्त ध्यान न देने से यह समस्या कई बार गंभीर रूप धारण कर लेती है। क्या सावधानी बरतें, किन बातों का ध्यान रखें, बता रही हैं शमीम खान

अगर आप अक्सर थका हुआ महसूस करते हैं तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि 5 में से 1 व्यक्ति हर समय हल्की थकान से और 10 में से 1 लंबे समय तक रहने वाली थकान से परेशान रहता है। कई लोगों में थकान कभी न खत्म होने वाली समस्या बन जाती है, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है। थकान की समस्या पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा होती है। थकान कई शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कारणों से होती है।

कहीं गंभीर बीमारी का संकेत तो नहीं
समस्या अगर लंबे समय तक बनी रहे तो डॉक्टर को दिखाएं, क्योंकि यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है। यह कैंसर, डायबिटीज, हाइपोथायराइडिज्म, मल्टीपल स्क्लेरोसिस, हृदय या छाती की समस्या का भी संकेत हो सकती है।

थकान के लक्षण
ऊर्जा की कमी महसूस करते हैं। अक्सर आलस और उत्साह की कमी पाते हैं। हमेशा उनींदा महसूस करते हैं। आपकी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता कम हो जाती है। निर्णय लेने में कठिनाई होती है। कई बार अवसादग्रस्त महसूस करते हैं।

आयरन की कमी बढ़ाती है थकान
थकान का सबसे सामान्य चिकित्सकीय कारण है आयरन की कमी यानी एनीमिया। यह 20 में से एक पुरुष और मेनोपॉज के स्तर को पहुंच चुकी महिलाओं में होता है, लेकिन यह समस्या उन महिलाओं में 25-30 प्रतिशत होती है, जिन्हें पीरियड्स होते हैं। गर्भवती महिलाएं भी आमतौर पर एनीमिया से पीडित होती हैं। अगर महिलाएं प्रतिदिन 18 मिलीग्राम और पुरुष 8 मिलीग्राम से कम आयरन ले रहे हैं तो उनके शरीर को ठीक तरह से काम करने के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। मांस और हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन के अच्छे स्त्रोत हैं। आयरन हीमोग्लोबीन के निर्माण के लिए जरूरी है। हीमोग्लोबिन का स्तर सीधे तौर पर हमारी ऊर्जा के स्तर को प्रभावित करता है, क्योंकि इसकी कमी से अंगों को ऑक्सीजन कम मिलती है। पुरुषों के लिए हीमोग्लोबिन का स्तर 14-18 ग्राम/डीएल और महिलाओं में इसकी मात्रा 12-16ग्राम/डीएल होनी चाहिए।

कितने कारगर हैं सप्लीमेंट्स
कई लोग थकान महसूस होने पर एनर्जी ड्रिंक का सहारा लेते हैं, लेकिन एनर्जी ड्रिंक शुगर और कैफीन से भरपूर होते हैं। ये कुछ समय के लिए तो ऊर्जा दे देते हैं, लेकिन यह आपके लिए कई समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं। ज्यादा कैफीन के सेवन से ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है, जबकि शुगर वजन बढ़ाने का काम करती है। मल्टीविटामिन की गोलियां बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

क्या होती है सर्दियों में थकान
सर्दियों में दिन छोटे और रातें बड़ी हो जाती हैं और आपके जागने और सोने का चक्र गड़बड़ा जाता है, जिससे थकान होती है। सर्दियों में सूरज की रोशनी कम होने का अर्थ है कि आपका मस्तिष्क ज्यादा मात्रा में मेलैटोनिन हार्मोन बना रहा है, जो आपको उनींदा बनाता है, क्योंकि इस स्लीप हार्मोन का सीधा संबंध रोशनी और अंधेरे से होता है। सर्दियों में जब सूरज जल्दी छिप जाता है तो हमारा मस्तिष्क मेलैटोनिन बनाने लगता है, जिससे सांझ ढलते ही हमारा सोने का मन करता है और हम जल्दी बिस्तर में जाना चाहते हैं। सर्दियों में हमारी शारीरिक सक्रियता भी थोड़ी कम हो जाती है। हम थका-थका सा महसूस करते हैं। कभी-कभी यह थकावट और आलस गंभीर विंटर डिप्रेशन का संकेत भी हो सकती है। इसे डॉक्टरी भाषा में सीजनल अफेक्टिव डिसआर्डर कहते हैं। हर पंद्रह में से 1 व्यक्ति विंटर डिप्रेशन का शिकार होता है। यही वजह है कि सर्दियों में आत्महत्या के मामले बाकी मौसमों के मुकाबले बढ़ जाते हैं। इसी कारण इसे आत्महत्याओं का मौसम भी कहा जाता है। इससे बचने के लिए जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके, प्राकृतिक प्रकाश में रहे। विटामिन डी की कमी से भी थकावट होती है। सर्दियों में अपने भोजन में सोया उत्पादों, दुग्ध उत्पादों, अंडे, मांस और चिकन की मात्रा बढ़ा दें।

थकान के कारण

शरीर का भार सामान्य से अधिक या कम होना
थॉयरायड ग्रंथि का ठीक तरह से काम नहीं करना
हृदय रोग से पीडित लोग हमेशा थकान महसूस करते हैं
मानसिक तनाव, चिंता, अनिद्रा या अवसाद
अत्यधिक कैफीन या अल्कोहल का सेवन अनिद्रा बढ़कर थकान का कारण बनता है
पेट और छाती का संक्रमण
शक्तिशाली पेनकिलर का सेवन
कैंसर का उपचार, जैसे रेडियोथेरेपी और कीमोथेरेपी
शराब का अत्यधिक सेवन
डायबिटीज में रक्त में शूगर का स्तर अत्यधिक बढ़ जाना
दवाओं के साइड इफेक्ट विशेषकर माइग्रेन और हाई ब्लड प्रेशर को रोकने वाली दवाओं में मौजूद रसायनों के
डायरिया, एनीमिया या वाइरल फीवर
मानसिक या शारीरिक तनाव
विटामिन और मिनरलों की कमी

 
 
 
 
 
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