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आंसुओं की अजब कहानी..

हिन्दुस्तान रीमिक्स First Published:04-12-2012 01:01:57 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

तुम्हें जब कोई बात बहुत बुरी लगती है तो तुम्हारी आंखों से आंसू निकल आते हैं। कई बार तो बिना रोए भी तुम्हारी आंखों से पानी निकल जाता है। तुम्हें समझ में नहीं आता होगा कि आखिर आंखों से पानी कैसे निकलता है। कोई बात नहीं, आज हम तुम्हें बता रहे हैं कि आंसू निकलने के क्या कारण होते हैं...

रोने के अलावा भी कई कारण होते हैं, जिससे आंखों से पानी बह निकलता है। ऐसा कुछ भी जिससे आंखों को परेशानी महसूस होती है, आंख उसे धोने की कोशिश करती है और इसी कोशिश में आंखों से पानी निकलता है। चाहे धूल के कण आंख में चले जाते हों या पलक में, आंसू बह निकलते हैं। हम हमेशा उस चीज को नहीं देख पाते हैं, जो हमारी आंखों में घुस जाती है। धुआं होने पर आंखों से पानी इसलिए निकलने लगता है, क्योंकि धुएं में छिपे धूल के कणों से आंखें खुद को बचाना चाहती हैं।

अगर तुम कटी प्याज के इर्द-गिर्द होते हो तो तुम्हारी आंखों से आंसू निकलने लगते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि प्याज के पानी में छिपे केमिकल्स (रसायन) आंखों को कष्ट पहुंचाते हैं। तुमने गौर किया होगा कि ठंडी या तेज हवा भी आंखों में पानी ले आती है। आंखों को रूखेपन से बचाने के लिए टीयर ग्लैंड्स से आसू निकल जाते हैं। किसी चीज से एलर्जी की वजह से भी आंखों से पानी निकलने लगता है। ऐसे में ठंड से संक्रमण भी हो सकता है।

आंखों से आंसू निकलने का मतलब यह होता है कि आंख खुद को बाहरी चीजों से सुरक्षित रखना चाहती है। वह खुद में नमी लाकर ऐसा करती है और इसके लिए आंख में पानी आना जरूरी होता है। आंसू टीयर ग्लैंड्स से निकलते हैं, जिन्हें लैक्रिमल ग्लैंड्स कहते हैं। यह हमारी ऊपरी आईलिड पर होते हैं। हमारी आंखों से कुछ आंसू टीयर डक्ट्स से निकलते हैं, जिन्हें लैक्रिमल डक्ट्स भी कहते हैं। हमारी आंखों और नाक के बीच छोटे टय़ूब्स (नलियां) होते हैं, इन्हें ही डक्ट्स कहते हैं। जब हमारे आंसू आंखों में भर जाते हैं तो इन टीयर डक्ट्स के रास्ते निकल जाते हैं। हमारे पास दो टीयर डक्ट्स होते हैं, दोनों आंखों के अंदर कोने में। यदि तुम अपनी आंख के नीचे की आईलिड को नीचे की ओर खींचोगे तो तुम्हें यह छेद दिख जाएगा।

जब तुम बहुत ज्यादा रो रहे होते हो तो डक्ट्स इन सबको एक साथ निकाल पाने में सक्षम नहीं होता। तभी आंसू हमारे चेहरे पर आ जाते हैं। क्या तुमने कभी गौर किया है कि रोते हुए कभी-कभी तुम्हारी नाक से पानी निकल आता है? ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि डक्ट्स से जब आंसू नहीं निकल पाते हैं तो नाक में आ जाता है। कुछ लोगों को यह समस्या होती है कि उनके आंसू नहीं निकल पाते हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि उनके टीयर ग्लैंड्स आंसू का निर्माण नहीं कर पाते हैं। इसे ही ‘ड्राई आईज’ कहते हैं। कुछ दवाओं या बीमारी के कारण ऐसा होता है। कुछ लोगों के टीयर डक्ट ब्लॉक (अवरुद्ध) होते हैं, उनके आंसू भी नहीं निकल पाते हैं। कुछ बच्चों का जन्म ब्लॉक्ड लैक्रिमल डक्ट्स के साथ होता है। कुछ के डक्ट्स तो बाद में खुल जाते हैं तो कुछ का छोटा ऑपरेशन करना पड़ता है।

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