Image Loading
शनिवार, 25 मार्च, 2017 | 23:02 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पढ़ें रात 11 बजे की टॉप खबरें, शुभरात्रि
  • अंकराशि: जानिए कैसा रहेगा आपके लिए 26 मार्च का दिन
  • जरूर पढ़ें: दिनभर की 10 बड़ी रोचक खबरें
  • प्राइम टाइम न्यूज़: पढ़े अबतक की 10 बड़ी खबरें
  • करीना से अपने रिश्ते पर पहली बार बोले शाहिद, 'सबसे बड़ा राज...', यहां पढ़ें बॉलीवुड...
  • हिन्दुस्तान जॉब : 12वीं पास के बच्चों को नौकरी देगा एचसीएल, क्लिक कर पढ़े
  • सीएम बनने के बाद पहली बार गोरखपुर पहुंचे योगी, हुआ भव्य स्वागत, पढ़ें राज्यों से...
  • यूपी सीएम ने कहा, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को एक लाख का अनुदान देंगे, पूरी खबर...
  • इलाहाबाद: कौशाम्बी के पिपरी इलाके में छेड़खानी से दुखी बीए की छात्रा ने...
  • कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 1 लाख रुपये सरकार देगी: सीएम योगी आदित्यनाथ
  • सीएम योगी आदित्य नाथ ने कहा- केंद्र की तरह यूपी में भी विकास को आगे बढ़ाना है
  • टॉप 10 न्यूज़: पढ़े अबतक की देश-विदेश और मनोरंजन की बड़ी खबरें
  • मोहद्दीपुर पहुंचे सीएम आदित्यनाथ योगी, महाराणा प्रताप कॉलेज में होगा अभिनंदन
  • यूपी: गोरखपुर पहुंचे सीएम आदित्यनाथ योगी
  • गैजेट-ऑटो अपडेट: पढ़ें अभीतक की 8 बड़ी खबरें
  • जेटली मानहानि मामला: पटियाला हाउस कोर्ट में सीएम अरविंद केजरीवाल और अन्य आप...
  • अभिनेता रजनीकांत ने तमिल समर्थक संगठनों के विरोध के मद्देनजर अपनी श्रीलंका...
  • #IndvsAus धर्मशाला टेस्ट DAY-1: ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 300 रन पर सिमटी
  • #IndvsAus धर्मशाला टेस्ट DAY-1: 57 रन बनाकर वेड आउट, जडेजा ने लिया 9वां विकेट, AUS स्कोर 298/9
  • स्पोर्ट्स अपडेटः 'चाइनामैन' कुलदीप के बारे में Interesting facts. पढ़ें, क्रिकेट की अभी तक...
  • बिहार में बदला मौसम का मिजाज, उत्तर बिहार में आंधी-तूफान, बारिश और ओला वृष्टि से...

मां-पुत्री की हत्या, चार व्यक्तियों की आजीवन कारावास सजा बरकरार

नयी दिल्ली, एजेंसी First Published:30-11-2012 06:26:05 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

दिल्ली उच्च न्यायालय ने महिला और उसकी पुत्री की करीब छह वर्ष पहले हत्या के जुर्म में चार मुजरिमों की आजीवन कारावास की सजा बरकरार रखी है। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति एस पी गर्ग की पीठ ने हत्या के लिए दोषी करार दिये गए भास्कर महालिक, भगवान महालिक, निरंजन महालिक और जगबंधू दास की अपील खारिज करते हुए निचली अदालत का फैसला बरकरार रखा। इन चारों मुजरिमों ने ही दोनों महिलाओं की उनके घर में डकैती करने के बाद हत्या कर दी थी। दोनों मां-पुत्री उच्चतम न्यायालय में वकालत करती थीं।

पीठ ने कहा कि डकैती और हत्या किसी संदेह से परे साबित हुआ है। परिस्थितिजन्य सबूतों से स्पष्ट रूप से सभी आरोपियों के डकैती और हत्या में शामिल होने की पुष्टि होती है। लूटी गई वस्तुएं पुलिस द्वारा आरोपियों की ओर से उपलब्ध करायी गई जानकारी के आधार पर उनके आवास से बरामद की गई। पीठ ने कहा, साक्ष्य कानून की धारा 114 (ए) के तहत सुरक्षित रूप से एक वैध अनुमान लगाया जा सकता है कि याचिकाकर्ताओं ने ना केवल डकैती की बल्कि पीडिम्तों की हत्या भी की।

निचली अदालत ने चारों को दिसम्बर 2010 में स्वर्ण महाजन और उसकी पुत्री अनुराधा महाजन की हत्या का दोषी ठहराया था। अदालत ने हालांकि पांचवें आरोपी सुरेंद्र पाल को पर्याप्त सबूत के अभाव में बरी कर दिया था। पाल ने लूटपाट का सामान प्राप्त किया था।

चारों दोषी 11-12 मार्च 2006 की रात को दक्षिण दिल्ली के सिद्धार्थ इंक्लेव स्थित पीडिम्तों के घर में घुसे थे और डकैती के बाद दोनों की हत्या कर दी थी।

जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड