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तैरने वाला भूरा खरगोश

प्रज्ञा पाण्डेय First Published:27-11-2012 12:40:54 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
तैरने वाला भूरा खरगोश

आमतौर पर शांत रहने वाला भूरा खरगोश बहुत शर्मीला होता है। प्यारा-सा दिखाई देने वाला यह खरगोश बहुत तेज भागता है और जरूरत पड़ने पर पानी में तैरता भी है।

भूरे खरगोश को यूरोपीय खरगोश और पूर्वी जैक रैबिट भी कहा जाता है। वैसे तो यह आम खरगोशों की तरह ही होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह दूसरी प्रजातियों से थोड़ा अनोखा होता है। इसके सिर और शरीर की लम्बाई 48 से 75 से.मी. और पूंछ की लम्बाई 7 से 13 से.मी. तक हो सकती है। शरीर का वजन 2.5 से 7 किलोग्राम हो सकता है। इस प्रजाति के खरगोश के कान बड़े-बड़े होते हैं, जो कम से कम 102 मि.मी. तक लम्बे होते हैं। इन खरगोशों के कान भूरे रंग के होते हैं और इनके कान के अंदर का भाग सफेद रंग का होता है। इनके पीछे के पैर लम्बे होते हैं।

इस खरगोश का पूरा शरीर पीले-भूरे, धुंधले भूरे रंग के फर से ढका रहता है। सफेद-भूरे रंग का फर इसके शरीर के निचले हिस्से में मौजूद रहता है। इसका चेहरा भूरा होता है और आंखों के चारों ओर काले घेरे होते हैं। इन खरगोशों के शरीर पर पाए जाने वाले फर सर्दियों में सफेद नहीं होते हैं, बल्कि और धुंधले भूरे होते जाते हैं। खोपड़ी की नासिका हड्डी चौड़ी, भारी और छोटी होती है।

ये यूरोपीय खरगोश शाकाहारी खाना पसंद करते हैं। गर्मियों के मौसम में ये घास, जड़ी-बूटियां और फसलों को खाते हैं, जबकि सर्दियों में इन्हें टहनियां, कलियां, पेड़ों की छाल और फल पसंद आते हैं। वैसे तो यह खरगोश अकेले ही रहता है, लेकिन जब यह खाना ढूंढ़ने निकलता है तो अपने दोस्तों को साथ लेकर जाता है। अपने दोस्तों के साथ भोजन करना इसे बहुत पसंद है। खाने को एक निश्चित जगह पर रख दिया जाता है और सब वहां से लेकर खाते हैं, लेकिन अगर खाना थोड़ा दूर रखा होता है तो सबसे ताकतवर खरगोश खाने को पहले खा लेता है। ये खरगोश यूरोप महाद्वीप, मध्य एशिया और मध्य-पूर्व में पाए जाते हैं। इनके अलावा ये उत्तरी, मध्य और पश्चिमी यूरोप में तथा पश्चिमी एशिया में भी पाए जाते हैं। ये घास-फूस में रहना पसंद करते हैं।

इनकी खासियत है कि ये तेज गति से दौड़ते हैं। कभी-कभी इनके दौड़ने की गति 56 कि.मी. प्रति घंटा भी होती है। लेकिन इस तरह तेज गति से ये केवल सीधी लाइन में ही दौड़ सकते हैं। लाल लोमड़ी, भेड़िया, जंगली बिल्ली और पक्षी भी इनका शिकार करते हैं। जब ये शिकारी इनका पीछा कर रहे होते हैं तो ये सीधी लाइन में न दौड़ कर कभी-कभी अपना रास्ता भी बदल लेते हैं। इस दौरान ये पानी में डुबकी भी लगाते हैं और तैर भी सकते हैं।

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