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सहजन की पत्ती में हैं कई विस्मयकारी गुण

रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो First Published:07-06-2012 08:44:08 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

झारखंड में पाए जाने वाले सहजन की पत्ती में कई विस्मयकारी गुण मिले हैं। सहजन की इस प्रजाति का वैज्ञानिक नाम मोरिंगा ओलिफेरा है। इसकी पत्ती में कई ऐसे पोषक तत्व पाए गए हैं, जो स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभदायक हैं। इस प्रजाति की पत्ती में बिटामिन सी, बीटाकैरोटीन, कैल्शियम, मैगेनेशियम और आयरन की काफी मात्र मिली है। वन उत्पादकता संस्थान के वैज्ञानिकों से इस पर शोध कर रिपोर्ट तैयार की है।

डायरेक्ट टू कंज्यूमर स्कीम से जोड़ा जाएगा
वन उत्पादकता संस्थान सहजन की इस प्रजाति को डायरेक्ट टू कंज्यूमर स्कीम से जोड़ेगा। जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके। संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ संजय सिंह ने बताया कि इसकी पत्ती में साइटोकाइनिन हार्मोन मिला है। जिसके छिड़काव से सब्जी की फसलों में 25 फीसदी तक वृद्धि हो सकती है।

संस्थान में तैयार हुआ मोरिंगा गार्डेन
वन उत्पादकता संस्थान में मोरिंगा गार्डेन स्थापित कर दी गई है। इसमें 45 जगहों से लाए गए सहजन के पौधों को तैयार किया गया है। स्वस्थ पेड़ की कटिंग कर क्लोन तैयार किए जा रहे हैं। बिहार, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल से भी सहजन की प्रजातियां मंगाई गई हैं। इसमें से भी स्वस्थ पौधों का चयन किया जा रहा है।

इस शोध को और आगे बढ़ाया जाएगा। विदेशों में भी इसका उपयोग हो रहा है। किसानों के लिए भी लाभदायक साबित होगा। उत्पादकता में वृद्धि होगी। डॉ संजय सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, वन उत्पादकता संस्थान

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