Image Loading
बुधवार, 28 सितम्बर, 2016 | 20:53 | IST
Mobile Offers Flipkart Mobiles Snapdeal Mobiles Amazon Mobiles Shopclues Mobiles
खोजें
ब्रेकिंग
  • पाक ने फिर तोड़ा सीजफायर, जम्मू-कश्मीर के पुंछ में पाक की ओर से फायरिंग, भारत की...
  • पाक के रक्षा मंत्री का बयान, कहा- कश्मीर भारत से अलग होगा, आजादी की लड़ाई कश्मीर...
  • सुब्रत रॉय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, परोल 24 अक्टूबर तक बढ़ाई: टीवी रिपोर्ट्स
  • पाकिस्तान में होने वाला सार्क सम्मलेन रद्द, भारत, भूटान, अफगानिस्तान और...
  • सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय मछुआरों की हत्या के आरोपी इटेलियन मरीन लैतोरे को...
  • उरी हमला: गिरफ्तार गाइड ने किया खुलासा, पाकिस्तानी सेना के आईटी एक्सपर्ट देते थे...
  • कैबिनेट का फैसला, रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का उत्पादकता बोनस: टीवी...
  • शहाबुद्दीन की जमानत रद्द करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल भी सुनवाई जारी...
  • लोढ़ा पैनल ने सुप्रीम कोर्ट को कहा, बीसीसीआई हमारे सुझावों और दिशा निर्देशों का...
  • पाकिस्तानी कलाकारों फवाद, माहिरा और अली जफर के भारत छोड़ने पर बॉलीवुड सितारों...
  • टीम इंडिया में गंभीर की वापसी, भारत-न्यूजीलैंड टेस्ट के टिकट होंगे सस्ते। इसके...
  • मौसम अलर्ट: दिल्ली-NCR वालों को गर्मी से नहीं मिलेगी राहत। रांची, लखनऊ और देहरादून...
  • भविष्यफल: तुला राशि वालों को आज परिवार का भरपूर सहयोग मिलेगा, मन प्रसन्न रहेगा।...
  • हिन्दुस्तान सुविचार: जीवन के बुरे हादसे या असफलताओं को वरदान में बदलने की ताकत...
  • सार्क में हिस्सा नहीं लेंगे पीएम मोदी, गंभीर की दो साल बाद टीम इंडिया में वापसी,...
  • क्रिकेटर बालाजी 'रजनीकांत' के फैन हैं, आज बर्थडे है उनका। उनकी जिंदगी से जुड़े...

फिल्म रिव्यूः मिस्टर भट्टी ऑन छुट्टी

विशाल First Published:18-05-2012 09:47:04 PMLast Updated:18-05-2012 10:42:10 PM
फिल्म रिव्यूः मिस्टर भट्टी ऑन छुट्टी

खिरकार अनुपम खेर की फिल्म ‘मिस्टर भट्टी ऑन छुट्टी’ की रिलीज का इंतजार खत्म हुआ। यह फिल्म पिछले दो-तीन साल से अटकी हुई थी। शूटिंग तो बहुत पहले खत्म हो गयी थी, लेकिन रिलीज के लिए सही वक्त तलाशते-तलाशते इतना समय लग गया।

इस फिल्म के निर्देशक करन राजदान चाहे कितनी ही बार कहें कि उनकी फिल्म किसी अंग्रेजी फिल्म से प्रेरित नहीं है, लेकिन सच तो यह है कि फिल्म का मेन आइडिया, प्रमुख किरदार, यहां तक कि टाइटल तक ब्रिटिश फिल्म ‘मि. बीन्स हॉलीडे’ (2007) से लिया गया है। उस फिल्म में मुख्य भूमिका रॉवन एट्किन्सन ने निभाई थी। अनुपम खेर के हाव-भाव तक रॉवन की कॉपी लगते हैं।

जिन लोगों ने अंग्रेजी फिल्म ‘मि. बीन्स हॉलीडे’ देखी है, वो ‘मिस्टर भट्टी ऑन छुट्टी’ की शुरुआत से ही अंदाजा लगा सकते हैं कि कहानी में कहां-कहां क्या-क्या कॉपी किया गया है। फिल्म के मुख्य किरदार बी. बी. भट्टी (अनुपम खेर) एक बैंक में क्लर्क हैं। वह इस बात से हैरान हैं कि उन्हें एक विदेश यात्रा का ऑफर मिला है, जिसमें हवाई यात्रा के साथ-साथ उनका रहना-खाना भी फ्री है। मजे की बात है कि उन्हें यह निमंत्रण एक कॉन्टेस्ट जीतने पर मिला है, लेकिन उन्होंने तो किसी कॉन्टेस्ट में भाग ही नहीं लिया है।

खैर, इस निमंत्रण को लेकर वह बेहद उत्सुक हैं। उन्हें इस विदेश यात्रा पर जाने के लिए अपने सपनों की दुनिया के दोस्त यानी मिस्टर बच्चन (अमिताभ बच्चन) से भी मिलने की इजाजत मिल गयी है।

यात्रा के दौरान लंदन पहुंचने पर ही उनके साथ अजीबो गरीब वाकिए शुरू हो जाते हैं। खुद से बातें करने की आदत और दूसरों पर बात-बात पर शक करने की वजह से मि. भट्टी को हर दूसरे कदम पर मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। इसी दौरान उनकी मुलाकात एलिस (एम्मा कार्ने) से होती है। यह मुलाकात उनकी यात्रा का एक हसीन पड़ाव साबित होती है। लेकिन असली मुसीबतें तब शुरु होती हैं, जब लंदन में उन्हें एक आतंकवादी समझ लिया जाता है। मिस्टर भट्टी को अब न सिर्फ खुद को बेकसूर साबित करना है, बल्कि अपने घर भी लौटना है, लेकिन ये सब इतना आसान नहीं है।

देखा जाए तो किसी फिल्म से प्रेरणा लेना या फिर उसका बेसिक आइडिया लेना कोई बुरी बात नहीं है। पर अच्छा तब रहता है, जब आप उसे मन से बनाएं और एक अच्छी मनोरंजक फिल्म में तब्दील करें। मोटे तौर पर यह एक कॉमेडी फिल्म है, लेकिन इसमें मिस्टर बीन्स के किरदार को जबरदस्ती अनुपम खेर पर हावी दिखाया गया है।

अगर अनुपम खेर रॉवन एट्किन्सन के हाव-भाव से परे अपने स्टाइल की कॉमेडी करते तो शायद यह एक टाइम पास फिल्म बन सकती थी। फिल्म की सबसे बड़ी कमी है इसकी पटकथा। मुख्य कहानी अंग्रेजी फिल्म से प्रभावित है। संवाद और ज्यादा चुटीले होने चाहिए थे।

फिल्म के हर दूसरे तीसरे सीन में इन बातों की कमी खलती दिखाई देती है। इसके अलावा अनुपम खेर को मिस्टर बीन्स के खोल से बाहर ही निकलने नहीं दिया गया है, जिसकी वजह से फिल्म के अन्य किरदारों पर से फोकस हट गया है। फिल्म मात्र कुछेक हिस्सों मे ही ठीक-ठाक लगती है। बाकी हिस्से एक-दूसरे से मेल खाते नहीं दिखते। कुल मिला कर यह एक टाइमवेस्ट मूवी है।

कलाकार: अनुपम खेर, भैरवी गोस्वामी, एम्मा कार्ने, शक्ति कपूर, पवन शंकर, संदीप गार्चा,
निर्देशक-लेखक: करन राजदान
निर्माता/बैनर: अश्विनी चोपड़ा/वाइड एंगल मीडिया, ट्यूलिप फिल्म्स
संगीत : चन्नी सिंह, सिद्धार्थ, सुहास
गीत : देव नारायण

लाइव हिन्दुस्तान जरूर पढ़ें

 
Hindi News से जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
Web Title:
 
 
|
 
 
अन्य खबरें
 
From around the Web
जरूर पढ़ें
क्रिकेट स्कोरबोर्ड