Image Loading
बुधवार, 25 मई, 2016 | 22:25 | IST
 |  Image Loading
ब्रेकिंग
  • आईपीएल 9: केकेआर ने 5 ओवर में एक विकेट खोकर 43 रन बनाए
  • आयोध्या में बजरंग दल ट्रैनिंग कैम्प का आयोजक महेश मिश्रा गिरफ्तार: टीवी...
  • आईपीएल 9: सनराइजर्स हैदराबाद ने केकेआर के सामने 163 रन का लक्ष्य रखा
  • आईपीएल 9: हैदराबाद ने 18 ओवर में पांच विकेट खोकर 143 रन बनाए
  • आईपीएल 9: सनराइजर्स हैदराबाद ने 14 ओवर में तीन विकेट खोकर 98 रन बनाए
  • आईपीएल 9: कुलदीप यादव ने लगातार गेंदों पर सनराइजर्स को दिए दो झटके
  • केरलः दलित छात्रा के साथ बलात्कार और उसकी हत्या की जांच के लिए एडीजीपी बी संध्या...
  • टाटा स्टील की ब्रिटेन इकाई के लिए हमने बोली लगाने वाले किसी का नाम नहीं छांटा है:...
  • आईपीएल 9: सनराइजर्स हैदराबाद ने केकेआर के खिलाफ 5 ओवर में एक विकेट पर 31 रन बनाए
  • पटना में डॉक्टर से एक करोड़ की फिरौती की मांग, कंकरबाग पुलिस स्टेशन में मामला...
  • आईपीएल 9: केकेआर ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ टॉस जीता, पहले फील्डिंग का फैसला
  • उभरते भारत और चीन को अपने साझा हितों का विस्तार करना चाहिए, जो पूरे विश्व के लिए...
  • बिहार में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिएः लोक जनशक्ति पार्टी
  • लोक जनशक्ति पार्टी ने अपने नेता सुरेश पासवान की हत्या की भर्त्सना की
  • दिल्ली-एनसीआर में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि
  • बिहार: LJP नेता सुदेश पासवान की डुमरिया में हत्या-ANI
  • पी विजयन ने केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली
  • राम जेठमलानी राजद की सीट से जाएंगे राज्य सभाः ANI

नंदनवन की होली..

रेनू सैनी First Published:06-03-2012 04:25:55 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

होली के दिन सभी के घरों से मीठे-मीठे और खुशबूदार पकवानों की सुंगध आ रही थी। सभी दोस्तों ने पहले पेट-पूजा करने का निर्णय लिया था और उसके बाद रंगों व पानी से होली खेलने का। पार्क में सुबह-सुबह सभी होली-मिलन समारोह मनाने के लिए तैयारियों में जुटे हुए थे। कुछ ही देर में तैयारियां हो गईं। सभी घरों से पकवान थालियों में सजकर पार्क में लग गए

चीनू खरगोश इन दिनों बहुत खुश था। होली आने में कुछ ही दिन रह गए थे। वह हमेशा होली के त्योहार को अपने परिवार व दोस्तों के साथ बड़ी धूमधाम से मनाता था। चीनू बहुत ही मददगार, होशियार व समझदार था। पढ़ाई के साथ-साथ वह अन्य गतिविधियों में भी सबसे आगे रहता था।

मीनू चिड़िया, सुंदरी मोरनी, कालू कौआ, लम्पू लोमड़ी, मोटू हाथी आदि सभी उसके बहुत अच्छे दोस्त थे। होली के दिन सारे दोस्त नंदनवन के बड़े पार्क में इकट्ठे हो जाते थे और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर रंगों से होली खेलते थे। एक दिन चीनू खरगोश होली की योजना बनाने के लिए मोटू हाथी के पास गया। मोटू हाथी ने उसे देखा और जल्दी से अपने सामान को इधर-उधर कर दिया। चतुर चीनू ने मोटू हाथी को कुछ छिपाते हुए देख लिया, लेकिन वह चुप रहा। दोनों होली की योजनाएं बनाते रहे। कुछ ही देर में मोटू हाथी की मम्मी मिंटू हथिनी दोनों के लिए चाय-नाश्ता लेकर आई। सभी मिलकर नाश्ता करने लगे। अचानक मोटू हाथी के कपड़ों पर चाय गिर गई और वह अपने कपड़े बदलने के लिए बाथरूम में चला गया। तभी चीनू खरगोश ने मिंटू हथिनी को परेशान देखा और उनसे उनकी परेशानी पूछी। सारी बातें जानकर चीनू ने मिंटू हथिनी को अपनी होली की योजना और बातों से खुश कर दिया।

होली के दिन सभी के घरों से मीठे-मीठे और खुशबूदार पकवानों की सुंगध आ रही थी। सभी दोस्तों ने पहले पेट-पूजा करने का निर्णय लिया था और उसके बाद रंगों व पानी से होली खेलने का। पार्क में सुबह-सुबह सभी होली-मिलन समारोह मनाने के लिए तैयारियों में जुटे हुए थे। कुछ ही देर में तैयारियां हो गईं। सभी घरों से पकवान थालियों में सजकर पार्क में लग गए। पूरे जंगल के पशु-पक्षियों ने मिलकर दावत उड़ाई और आपसी बैर-भाव भूलकर एक-दूसरे को गले लगाया। सभी के चेहरों पर प्रसन्नता झलक रही थी, किंतु मोटू हाथी कुछ विशेष ही प्रसन्न दिखाई दे रहा था। उसका खाने से ज्यादा ध्यान रंगों से होली खेलने पर लगा हुआ था। वह बार-बार यही कह रहा था, ‘यार जल्दी खाओ, अगर खाने में इतनी देर लगाओगे तो होली कब खेलेंगे?’ मोटू हाथी की बात पर सभी मुस्करा दिए। केवल चीनू खरगोश बोला, ‘क्या बात है मोटू, आज तुम्हें खाने से ज्यादा होली खेलने की पड़ी है। तुम तो सबसे पहले दावत पर हाथ साफ करते हो। आज क्या बात है? इरादे तो नेक हैं न!’ चीनू की बात पर मोटू हाथी मुस्करा कर बोला, ‘अरे यार, मैं तो बस इसलिए बोल रहा हूं कि यह त्योहार साल में एक बार ही तो आता है। ऐसे में यदि इसे मन से और समय पर न खेल पाए तो सब गड़बड़ हो जाएगा।’ अंतिम बात बोलकर मोटू हाथी कुछ सकपकाया और फिर खाने की टेबल की ओर चल दिया। आखिर मोटू हाथी के इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं। सभी अपनी-अपनी पिचकारी और रंग लेकर एक-दूसरे पर रंग बरसाने लगे। पूरा नंदनवन रंगों की महक और गुलाल से रंगीन हो गया। मोटू हाथी दौड़कर पार्क के कोने में गया और वहां से रंगों को अपनी सूंड़ में भर कर लाया और सब पर उड़ेल दिया। जैसे ही मोटू हाथी ने पशु-पक्षियों पर रंगों की बरसात की, वैसे ही पूरा पार्क विभिन्न तरह के फूलों की खुशबू से महक उठा।
सभी मोटू हाथी के प्राकृतिक रंगों को देखकर खुशी से नाचने लगे। किंतु मोटू हाथी प्राकृतिक रंगों को देखकर परेशान हो गया। उसे कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो रहा है? खैर, होली-मिलन समारोह में चंदनवन के राजा मुख्य अतिथि बनकर आए हुए थे, इसलिए वह चुपचाप होली खेलता रहा। सभी ने जी भरकर एक-दूसरे पर रंग डाला और दुश्मनी को भूलकर दोस्ती का हाथ बढ़ाया। शाम के समय होली का खुमार उतर चला था और सभी अपने-अपने घरों में रंग-बिरंगे कपड़ों को उतार कर नहा कर आराम कर रहे थे। तभी चीनू, मोटू हाथी के घर पर जा पहुंचा। मिंटू हथिनी ने चीनू खरगोश का स्वागत बड़ी गर्मजोशी से किया। चीनू मोटू हाथी के ऊपर चढ़ गया और बोला, ‘क्यों दोस्त, आज की होली लगी न मजेदार! तुम्हारे ग्रीस, पक्के रंगों और कीचड़ की जगह खुशबूदार रंगों ने सभी को मोहित कर दिया और तुम आज के कार्यक्रम के सरताज बन गए।’ चीनू की बात सुनकर मोटू हैरानी से आंखें फाड़कर बोला, ‘तो..वह शरारत तुम्हारी थी।’

यह जवाब सुनकर चीनू बोला, ‘दोस्त, शरारत नहीं, समझदारी कहो। फिर वह मिंटू हथिनी की तरफ देखकर बोला, ‘आंटी ने मुझे उस दिन तुम्हारी इस गंदी शरारत के बारे में बता दिया था कि कैसे इस बार तुम सबको केमिकल के पक्के रंगों, ग्रीस व कीचड़ आदि से रंगने की सोच रहे हो। दोस्त, तुम चाहे इन रंगों से होली खेलकर खुश हो जाते, लेकिन इन रंगों से होने वाले नुकसान की भरपाई तुम पूरे जीवनभर नहीं कर पाते। तुम्हें पता है, केमिकल से मिल कर बने हुए पक्के रंग त्वचा में कैंसर और चमड़ी की बीमारियों को पैदा करते हैं। आंख, नाक में जाने पर इन रंगों से आंखें जा सकती हैं और नाक, कान व मुंह के द्वारा यह हमारे शरीर के अंदरूनी हिस्सों को चोट पहुंचा सकते हैं।

यहां तक कि कभी-कभी ये मौत का कारण भी बन जाते हैं।’

ये बातें सुनकर मोटू हाथी दंग रह गया और बोला, ‘मैंने तो कल्पना भी नहीं की थी कि इन मामूली से रंगों के द्वारा मेरे दोस्तों को इतना भारी नुकसान पहुंच सकता है। दोस्त, सचमुच फूलों के द्वारा प्राकृतिक रंग बनाकर तुमने आज न सिर्फ मेरी इज्जत बढ़ाई है, बल्कि मुझे ऐसी सीख दी है, जो मुझे आजीवन याद रहेगी। अब हर होली पर मैं फिजां में प्राकृतिक रंग ही बरसाऊंगा और अपने दोस्तों के साथ-साथ अपने सुंदर नंदनवन को और भी सुंदर बनाऊंगा।’ यह सुनकर चीनू खरगोश बोला, ‘शाबाश! यह हुई न बात।’ इसके बाद दोनों हंसकर एक-दूसरे के गले लग गए और मोटू ने प्यार से चीनू को अपनी पीठ पर बिठा लिया।

 
 
 
 
|
 
 
 
देखिये जरूर
जरूर पढ़ें
Uttrakhand Board Result 2016
Assembely Election Result 2016
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
क्रिकेट
आईपीएल 9: हैदराबाद ने केकेआर को दिया 163 रन का लक्ष्यआईपीएल 9: हैदराबाद ने केकेआर को दिया 163 रन का लक्ष्य
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव के तीन विकेट की मदद से कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल के एलिमिनेटर मुकाबले में सनराजइर्स हैदराबाद को आठ विकेट पर 162 रन पर रोक दिया।