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फेसबुक विवाद: पालघर में शिवसेना ने किया बंद का ऐलान

मुंबई/नई दिल्ली, लाइव हिन्दुस्तान First Published:28-11-2012 12:25:01 PMLast Updated:28-11-2012 01:25:53 PM
फेसबुक विवाद: पालघर में शिवसेना ने किया बंद का ऐलान

बाल ठाकरे के निधन के बाद फेसबुक पर पोस्‍ट और कमेंट डालने वाली दो युवतियों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन के खिलाफ तमाम शिवसैनिक लामबंद हो गये हैं और बुधवार को पालघर में बंद का ऐलान कर दिया है।

शिवसेना के महाराष्‍ट्र सरकार के खिलाफ पालघर में बंद के ऐलान से यह साफ हो गया है कि शिवसैनिक इस मामले को खत्‍म होने नहीं देंगे। शिवसेना का कहना है कि अधिकारियों ने जो किया वो सही था। बंद को देखते हुए महाराष्‍ट्र सरकार ने पालघर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि कोई गड़बड़ी नहीं होने पाये।

फेसबुक पोस्ट को लेकर दोनों लड़कियां 19 नवंबर को गिरफ्तार हुईं थीं, जिसके बाद 15 हजार का बॉन्ड देने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। लेकिन दोनों के खिलाफ दर्ज केस को अभी भी बंद नहीं किया गया है। पुलिसकर्मियों को लेकर सरकार के फैसले से पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोनों लड़कियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला देने वाले जज का ट्रांसफर कर दिया था।

पालघर बार एसोसिएशन ने भी बंद का समर्थन करते हुए पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर का विरोध किया है। इस बीच, महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर आर पाटील ने बयान दिया है कि पुलिसकर्मियों का तबादला कोंकण जोन के आईजी के आदेश पर किया गया है। सस्पेंशन की घोषणा करते हुए पाटील ने कहा कि सूचना एवं प्रोद्योगिकी से जुड़े मामले पर पुलिस तभी कार्रवाई कर सकती है जब वो लीगल एक्सपर्ट से सलाह ले चुकी है।

गौरतलब है कि 21 साल की शाहीन ने 18 नवंबर को शिवसेना चीफ बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार वाले दिन फेसबुक पर एक स्टेटस अपडेट किया था। इस अपडेट को उनकी दोस्त रेणू ने लाइक करके शेयर किया।

शाहीन ने फेसबुक पर लिखा था कि रोज हजारों लोग मरते हैं...तब भी दुनिया चलती रहती है...सिर्फ एक नेता की मौत पर...प्राकृतिक मौत पर सभी लोग क्रेजी हो गए...उन्हें ये मालूम होना चाहिए कि हमें ये जबरन करना पड़ रहा है। वो आखिरी वक्त कौन सा था जब किसी ने भी भगतसिंह, आजाद और सुखदेव जैसे उन शहीदों के लिए 2 मिनट का मौन रखा हो। उन शहीदों के लिए जिनकी वजह से आज हम आजाद भारत में जी रहे हैं। सम्मान कमाया जाता है...दिया नहीं जाता...निश्चित तौर पर दबाव देकर भी सम्मान नहीं लिया जा सकता...आज मुंबई बंद है लेकिन डर से...सम्मान के लिए नहीं!

इसके कुछ ही मिनटों बाद शाहीन की दोस्त रेणू श्रीनिवासन ने इस कमेंट को लाइक किया। थोड़ी ही देर में उसके बाकी दोस्तों ने भी इसे शेयर किया, लेकिन इनके अलावा भी कुछ लोग थे जिनके बीच ये कमेंट चर्चा का विषय बन गया था।

शाहीन परिवार के मुताबिक इसके बाद कुछ लोग पुलिस के पास पहुंचे। इन लोगों ने शाहीन और उसकी सहेली के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने उनकी मांग पूरी की। और फौरन ही दोनों सहेलियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 295 ए और आईटी एक्ट के तहत 66 ए के तहत मुकदमा दायर कर लिया।

तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तकरीबन रात से साढ़े 9 बजे दोनों सहेलियों को पूछताछ के लिए बुला लिया। पुलिस ने उन्हें रात भर हिरासत में रखा और सोमवार सुबह साढ़े दस बजे के करीब उन्हें गिरफ्तार कर लिया। शाहीन के परिवार का कहना है कि गिरफ्तारी के वक्त ही पुलिस ने धारा 295 ए को बदलकर धारा 505 (2) में बदल दिया था।

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